1 इतिहास १२:१७
उनसे मिलने को दाऊद निकला और उनसे कहा, “यदि तुम मेरे पास मित्रभाव से मेरी सहायता करने को आए हो, तब तो मेरा मन तुम से लगा रहेगा; परन्तु जो तुम मुझे धोखा देकर मेरे शत्रुओं के हाथ पकड़वाने आए हो, तो हमारे पितरों का परमेश्वर इस पर दृष्टि करके डाँटे, क्योंकि मेरे हाथ से कोई उपद्रव नहीं हुआ।”1 इतिहास १२:१७ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 1 Chronicles 12:17
- David went out to meet them, and answered them, “If you have come peaceably to me to help me, my heart will be united with you; but if you have come to betray me to my adversaries, since there is no wrong in my hands, may the God of our fathers see this and rebuke it.”
- ગુજરાતી — 1 કાળવૃતાંત ૧૨:૧૭
- દાઉદ તેઓને મળવા ગયો અને તેઓને ઉત્તર આપીને કહ્યું, “જો તમે મને સહાય કરવા સારુ શાંતિથી મારી પાસે આવ્યા હશો, તો મારું હૃદય તમારી સાથે એકરૂપ થશે. પણ હું નિર્દોષ છતાં, જો તમે મને મારા વૈરીઓને સ્વાધીન કરવા માટે આવ્યા હો, તો તે જોઈને આપણા પિતૃઓના ઈશ્વર તેને માટે શિક્ષા કરો.”
संदर्भ में
१५ये ही वे हैं, जो पहले महीने में जब यरदन नदी सब किनारों के ऊपर-ऊपर बहती थी, तब उसके पार उतरे; और पूर्व और पश्चिम दोनों ओर के सब तराई के रहनेवालों को भगा दिया।
१६कई एक बिन्यामीनी और यहूदी भी दाऊद के पास गढ़ में आए।
१७उनसे मिलने को दाऊद निकला और उनसे कहा, “यदि तुम मेरे पास मित्रभाव से मेरी सहायता करने को आए हो, तब तो मेरा मन तुम से लगा रहेगा; परन्तु जो तुम मुझे धोखा देकर मेरे शत्रुओं के हाथ पकड़वाने आए हो, तो हमारे पितरों का परमेश्वर इस पर दृष्टि करके डाँटे, क्योंकि मेरे हाथ से कोई उपद्रव नहीं हुआ।”
१८तब आत्मा अमासै में समाया, जो तीसों वीरों में मुख्य था, और उसने कहा, “हे दाऊद! हम तेरे हैं; हे यिशै के पुत्र! हम तेरी ओर के हैं, तेरा कुशल ही कुशल हो और तेरे सहायकों का कुशल हो, क्योंकि तेरा परमेश्वर तेरी सहायता किया करता है।” इसलिए दाऊद ने उनको रख लिया, और अपने दल के मुखिए ठहरा दिए।
१९फिर कुछ मनश्शेई भी उस समय दाऊद के पास भाग आए, जब वह पलिश्तियों के साथ होकर शाऊल से लड़ने को गया, परन्तु वह उसकी कुछ सहायता न कर सका, क्योंकि पलिश्तियों के सरदारों ने सम्मति लेने पर यह कहकर उसे विदा किया, “वह हमारे सिर कटवाकर अपने स्वामी शाऊल से फिर मिल जाएगा।”
