1 इतिहास २१:१२
या तो तीन वर्ष का अकाल पड़े; या तीन महीने तक तेरे विरोधी तुझे नाश करते रहें, और तेरे शत्रुओं की तलवार तुझ पर चलती रहे; या तीन दिन तक यहोवा की तलवार चले, अर्थात् मरी देश में फैले और यहोवा का दूत इस्राएली देश में चारों ओर विनाश करता रहे। अब सोच, कि मैं अपने भेजनेवाले को क्या उत्तर दूँ।”1 इतिहास २१:१२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 1 Chronicles 21:12
- either three years of famine; or three months to be consumed before your foes, while the sword of your enemies overtakes you; or else three days of the sword of the LORD, even pestilence in the land, and the LORD’s angel destroying throughout all the borders of Israel. Now therefore consider what answer I shall return to him who sent me.’”
- ગુજરાતી — 1 કાળવૃતાંત ૨૧:૧૨
- ત્રણ વર્ષ દુકાળ પડે અથવા ત્રણ મહિના સુધી તારા શત્રુઓ તારો પીછો કરે અને તેઓની તલવારથી તને પકડી પાડે અથવા ત્રણ દિવસ સુધી દેશમાં યહોવાહની તલવારરૂપી મરકી ચાલે એટલે યહોવાહનો દૂત ઇઝરાયલના આખા પ્રદેશમાં વિનાશ કરતો ફરે.’ તો હવે, મને મોકલનારને મારે શો જવાબ આપવો તે વિષે તું નિર્ણય કર.”
संदर्भ में
१०“जाकर दाऊद से कह, ‘यहोवा यह कहता है कि मैं तुझको तीन विपत्तियाँ दिखाता हूँ, उनमें से एक को चुन ले, कि मैं उसे तुझ पर डालूँ।’”
११तब गाद ने दाऊद के पास जाकर उससे कहा, “यहोवा यह कहता है, कि जिसको तू चाहे उसे चुन ले:
१२या तो तीन वर्ष का अकाल पड़े; या तीन महीने तक तेरे विरोधी तुझे नाश करते रहें, और तेरे शत्रुओं की तलवार तुझ पर चलती रहे; या तीन दिन तक यहोवा की तलवार चले, अर्थात् मरी देश में फैले और यहोवा का दूत इस्राएली देश में चारों ओर विनाश करता रहे। अब सोच, कि मैं अपने भेजनेवाले को क्या उत्तर दूँ।”
१३दाऊद ने गाद से कहा, “मैं बड़े संकट में पड़ा हूँ; मैं यहोवा के हाथ में पड़ूँ, क्योंकि उसकी दया बहुत बड़ी है; परन्तु मनुष्य के हाथ में मुझे पड़ना न पड़े।”
१४तब यहोवा ने इस्राएल में मरी फैलाई, और इस्राएल में सत्तर हजार पुरुष मर मिटे।
