1 इतिहास २१:३
योआब ने कहा, “यहोवा की प्रजा के कितने ही क्यों न हों, वह उनको सौ गुना बढ़ा दे; परन्तु हे मेरे प्रभु! हे राजा! क्या वे सब राजा के अधीन नहीं हैं? मेरा प्रभु ऐसी बात क्यों चाहता है? वह इस्राएल पर दोष लगने का कारण क्यों बने?”1 इतिहास २१:३ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 1 Chronicles 21:3
- Joab said, “May the LORD make his people a hundred times as many as they are. But, my lord the king, aren’t they all my lord’s servants? Why does my lord require this thing? Why will he be a cause of guilt to Israel?”
- ગુજરાતી — 1 કાળવૃતાંત ૨૧:૩
- યોઆબે કહ્યું, ઈશ્વર તેમના લોકને જેટલા છે તેના કરતા સોગણાં વધારો. પણ મારા માલિક રાજા, શું તેઓ સર્વ મારા માલિકની સેવા નથી કરતા? મારા માલિક કેમ આવું ઇચ્છે છે? શા માટે ઇઝરાયલ પર દોષ લાવવો?”
संदर्भ में
१और शैतान ने इस्राएल के विरुद्ध उठकर, दाऊद को उकसाया कि इस्राएलियों की गिनती ले।
२तब दाऊद ने योआब और प्रजा के हाकिमों से कहा, “तुम जाकर बेर्शेबा से ले दान तक इस्राएल की गिनती लेकर मुझे बताओ, कि मैं जान लूँ कि वे कितने हैं।”
३योआब ने कहा, “यहोवा की प्रजा के कितने ही क्यों न हों, वह उनको सौ गुना बढ़ा दे; परन्तु हे मेरे प्रभु! हे राजा! क्या वे सब राजा के अधीन नहीं हैं? मेरा प्रभु ऐसी बात क्यों चाहता है? वह इस्राएल पर दोष लगने का कारण क्यों बने?”
४तो भी राजा की आज्ञा योआब पर प्रबल हुई। तब योआब विदा होकर सारे इस्राएल में घूमकर यरूशलेम को लौट आया।
५तब योआब ने प्रजा की गिनती का जोड़, दाऊद को सुनाया और सब तलवार चलानेवाले पुरुष इस्राएल के तो ग्यारह लाख, और यहूदा के चार लाख सत्तर हजार ठहरे।
