1 कुरिन्थियों ७:३६
और यदि कोई यह समझे, कि मैं अपनी उस कुँवारी का हक़ मार रहा हूँ, जिसकी जवानी ढल रही है, और प्रयोजन भी हो, तो जैसा चाहे, वैसा करे, इसमें पाप नहीं, वह उसका विवाह होने दे।1 कुरिन्थियों ७:३६ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 1 Corinthians 7:36
- But if any man thinks that he is behaving inappropriately toward his virgin, if she is past the flower of her age, and if need so requires, let him do what he desires. He doesn’t sin. Let them marry.
- ગુજરાતી — કરિંથીઓને પહેલો પત્ર ૭:૩૬
- પણ જો કોઈને એવું લાગે કે પોતાના ઉત્કટ આવેગના લીધે તે પોતાની સગાઈ કરેલ કન્યા સાથે અયોગ્ય રીતે વર્તન કરે છે તો તેણે પોતાની ઇચ્છા મુજબ તેની સાથે લગ્ન કરવું. તેમ કરવું તે પાપ નથી.
संदर्भ में
३४विवाहिता और अविवाहिता में भी भेद है: अविवाहिता प्रभु की चिन्ता में रहती है, कि वह देह और आत्मा दोनों में पवित्र हो, परन्तु विवाहिता संसार की चिन्ता में रहती है, कि अपने पति को प्रसन्न रखे।
३५यह बात तुम्हारे ही लाभ के लिये कहता हूँ, न कि तुम्हें फँसाने के लिये, वरन् इसलिए कि जैसा उचित है; ताकि तुम एक चित्त होकर प्रभु की सेवा में लगे रहो।
३६और यदि कोई यह समझे, कि मैं अपनी उस कुँवारी का हक़ मार रहा हूँ, जिसकी जवानी ढल रही है, और प्रयोजन भी हो, तो जैसा चाहे, वैसा करे, इसमें पाप नहीं, वह उसका विवाह होने दे।
३७परन्तु यदि वह मन में फैसला करता है, और कोई अत्यावश्यकता नहीं है, और वह अपनी अभिलाषाओं को नियंत्रित कर सकता है, तो वह विवाह न करके अच्छा करता है।
३८तो जो अपनी कुँवारी का विवाह कर देता है, वह अच्छा करता है और जो विवाह नहीं कर देता, वह और भी अच्छा करता है।
