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Methodist Church Nadiad
प्रेम इसमें नहीं कि हमने परमेश्वर से प्रेम किया पर इसमें है, कि उसने हम से प्रेम किया और हमारे पापों के प्रायश्चित के लिये अपने पुत्र को भेजा।

1 यूहन्ना ४:१० · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

English1 John 4:10
In this is love, not that we loved God, but that he loved us, and sent his Son as the atoning sacrifice for our sins.
ગુજરાતીયોહાનનો પહેલો પત્ર ૪:૧૦
આપણે ઈશ્વર પર પ્રેમ રાખ્યો, એમાં પ્રેમ નથી, પણ તેમણે આપણા પર પ્રેમ રાખ્યો અને પોતાના પુત્રને આપણાં પાપનું પ્રાયશ્ચિત બનવા મોકલી આપ્યા એમાં પ્રેમ છે.

संदर्भ में

जो प्रेम नहीं रखता वह परमेश्वर को नहीं जानता है, क्योंकि परमेश्वर प्रेम है।

जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, वह इससे प्रगट हुआ कि परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्र को जगत में भेजा है कि हम उसके द्वारा जीवन पाएँ।

१०प्रेम इसमें नहीं कि हमने परमेश्वर से प्रेम किया पर इसमें है, कि उसने हम से प्रेम किया और हमारे पापों के प्रायश्चित के लिये अपने पुत्र को भेजा।

११हे प्रियों, जब परमेश्वर ने हम से ऐसा प्रेम किया, तो हमको भी आपस में प्रेम रखना चाहिए।

१२परमेश्वर को कभी किसी ने नहीं देखा ; यदि हम आपस में प्रेम रखें, तो परमेश्वर हम में बना रहता है; और उसका प्रेम हम में सिद्ध होता है।

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