Skip to content
Methodist Church Nadiad
तब एब्यातार याजक से राजा ने कहा, “अनातोत में अपनी भूमि को जा; क्योंकि तू भी प्राणदण्ड के योग्य है। आज के दिन तो मैं तुझे न मार डालूँगा, क्योंकि तू मेरे पिता दाऊद के सामने प्रभु यहोवा का सन्दूक उठाया करता था; और उन सब दुःखों में जो मेरे पिता पर पड़े थे तू भी दुःखी था।”

1 राजाओं २:२६ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

English1 Kings 2:26
To Abiathar the priest the king said, “Go to Anathoth, to your own fields, for you are worthy of death. But I will not at this time put you to death, because you bore the Lord GOD’s ark before David my father, and because you were afflicted in all in which my father was afflicted.”
ગુજરાતી1 રાજાઓ ૨:૨૬
પછી અબ્યાથાર યાજકને રાજાએ કહ્યું, “તું અનાથોથમાં તારાં પોતાના ખેતરોમાં જતો રહે. તું મૃત્યુદંડને જ લાયક છે, પણ હું તને આ વખતે મારી નાખીશ નહિ. કારણ કે તેં ઈશ્વર યહોવાહનો કોશ મારા પિતા દાઉદ સમક્ષ ઊંચકેલો અને મારા પિતાએ સહન કરેલા સર્વ દુઃખોમાં તું પણ દુઃખી થયો હતો.”

संदर्भ में

२४अब यहोवा जिसने मुझे स्थिर किया, और मेरे पिता दाऊद की राजगद्दी पर विराजमान किया है और अपने वचन के अनुसार मेरा घर बसाया है, उसके जीवन की शपथ आज ही अदोनिय्याह मार डाला जाएगा।”

२५अतः राजा सुलैमान ने यहोयादा के पुत्र बनायाह को भेज दिया और उसने जाकर, उसको ऐसा मारा कि वह मर गया।

२६तब एब्यातार याजक से राजा ने कहा, “अनातोत में अपनी भूमि को जा; क्योंकि तू भी प्राणदण्ड के योग्य है। आज के दिन तो मैं तुझे न मार डालूँगा, क्योंकि तू मेरे पिता दाऊद के सामने प्रभु यहोवा का सन्दूक उठाया करता था; और उन सब दुःखों में जो मेरे पिता पर पड़े थे तू भी दुःखी था।”

२७और सुलैमान ने एब्यातार को यहोवा के याजक होने के पद से उतार दिया, इसलिए कि जो वचन यहोवा ने एली के वंश के विषय में शीलो में कहा था, वह पूरा हो जाए।

२८इसका समाचार योआब तक पहुँचा; योआब अबशालोम के पीछे तो नहीं हो लिया था, परन्तु अदोनिय्याह के पीछे हो लिया था। तब योआब यहोवा के तम्बू को भाग गया, और वेदी के सींगों को पकड़ लिया।

पूरा अध्याय पढ़ें

Ask us anything

Try asking

This assistant searches this website and the Bible, and uses AI for general questions about the Bible — those answers are marked. It cannot answer everything; for anything personal, please speak to our pastors.