1 राजाओं ७:३१
हौदी का मुँह जो ठेले की कँगनी के भीतर और ऊपर भी था वह एक हाथ ऊँचा था, और ठेले का मुँह जिसकी चौड़ाई डेढ़ हाथ की थी, वह पाये की बनावट के समान गोल बना; और उसके मुँह पर भी कुछ खुदा हुआ काम था और उनकी पटरियाँ गोल नहीं, चौकोर थीं।1 राजाओं ७:३१ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 1 Kings 7:31
- Its opening within the capital and above was a cubit. Its opening was round like the work of a pedestal, a cubit and a half; and also on its opening were engravings, and their panels were square, not round.
- ગુજરાતી — 1 રાજાઓ ૭:૩૧
- મથાળાનું ખામણું અંદરની તરફ ઉપર સુધી એક હાથનું હતું. અને તેનું ખામણું બેસણીની બનાવટ પ્રમાણે ગોળ તથા ઘેરાવામાં દોઢ હાથ હતું. તેના કાના પર કોતરકામ હતું અને તેમની તકતીઓ ગોળ નહિ પણ ચોરસ હતી.
संदर्भ में
२९और जोड़ों के बीचों बीच की पटरियों पर सिंह, बैल, और करूब बने थे और जोड़ों के ऊपर भी एक-एक और ठेला बना और सिंहों और बैलों के नीचे लटकती हुई झालरें बनी थीं।
३०एक-एक ठेले के लिये पीतल के चार पहिये और पीतल की धुरियाँ बनीं; और एक-एक के चारों कोनों से लगे हुए आधार भी ढालकर बनाए गए जो हौदी के नीचे तक पहुँचते थे, और एक-एक आधार के पास झालरें बनी हुई थीं।
३१हौदी का मुँह जो ठेले की कँगनी के भीतर और ऊपर भी था वह एक हाथ ऊँचा था, और ठेले का मुँह जिसकी चौड़ाई डेढ़ हाथ की थी, वह पाये की बनावट के समान गोल बना; और उसके मुँह पर भी कुछ खुदा हुआ काम था और उनकी पटरियाँ गोल नहीं, चौकोर थीं।
३२और चारों पहिये, पटरियों के नीचे थे, और एक-एक ठेले के पहियों में धुरियाँ भी थीं; और एक-एक पहिये की ऊँचाई डेढ़-डेढ़ हाथ की थी।
३३पहियों की बनावट, रथ के पहिये की सी थी, और उनकी धुरियाँ, चक्र, आरे, और नाभें सब ढाली हुई थीं।
