1 पतरस ४:१८
और “यदि धर्मी व्यक्ति ही कठिनता से उद्धार पाएगा, तो भक्तिहीन और पापी का क्या ठिकाना?” (नीति. 11:31)1 पतरस ४:१८ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 1 Peter 4:18
- “If it is hard for the righteous to be saved, what will happen to the ungodly and the sinner?”
- ગુજરાતી — પિતરનો પહેલો પત્ર ૪:૧૮
- ‘જો ન્યાયી માણસનો ઉદ્ધાર મુશ્કેલીથી થાય છે, તો અધર્મી તથા પાપી માણસનું શું થશે?’
संदर्भ में
१६पर यदि मसीही होने के कारण दुःख पाए, तो लज्जित न हो, पर इस बात के लिये परमेश्वर की महिमा करे।
१७क्योंकि वह समय आ पहुँचा है, कि पहले परमेश्वर के लोगों का न्याय किया जाए, और जबकि न्याय का आरम्भ हम ही से होगा तो उनका क्या अन्त होगा जो परमेश्वर के सुसमाचार को नहीं मानते? (इब्रा. 12:24,25, यिर्म. 25:29, यहे. 9:6)
१८और “यदि धर्मी व्यक्ति ही कठिनता से उद्धार पाएगा, तो भक्तिहीन और पापी का क्या ठिकाना?” (नीति. 11:31)
१९इसलिए जो परमेश्वर की इच्छा के अनुसार दुःख उठाते हैं, वे भलाई करते हुए, अपने-अपने प्राण को विश्वासयोग्य सृजनहार के हाथ में सौंप दें।
