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Methodist Church Nadiad
परन्तु योनातान ने अपने पिता को लोगों को शपथ धराते न सुना था, इसलिए उसने अपने हाथ की छड़ी की नोक बढ़ाकर मधु के छत्ते में डुबाया, और अपना हाथ अपने मुँह तक ले गया; तब उसकी आँखों में ज्योति आई ।

1 शमूएल १४:२७ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

English1 Samuel 14:27
But Jonathan didn’t hear when his father commanded the people with the oath. Therefore he put out the end of the rod that was in his hand and dipped it in the honeycomb, and put his hand to his mouth; and his eyes brightened.
ગુજરાતી1 શમુએલ ૧૪:૨૭
પણ યોનાથાનને ખબર ન હતી કે તેના પિતાએ લોકોને સોગન દીધા હતા. તેથી તેણે તો પોતાના હાથમાં જે લાકડી હતી તે લાંબી કરીને તેનો છેડો, મધપૂડામાં નાખીને તેને લાગેલું મધ ચાખ્યું. અને તેની આંખોમાં તેજ આવ્યું .

संदर्भ में

२५और सब लोग किसी वन में पहुँचे, जहाँ भूमि पर मधु पड़ा हुआ था।

२६जब लोग वन में आए तब क्या देखा, कि मधु टपक रहा है, तो भी शपथ के डर के मारे कोई अपना हाथ अपने मुँह तक न ले गया।

२७परन्तु योनातान ने अपने पिता को लोगों को शपथ धराते न सुना था, इसलिए उसने अपने हाथ की छड़ी की नोक बढ़ाकर मधु के छत्ते में डुबाया, और अपना हाथ अपने मुँह तक ले गया; तब उसकी आँखों में ज्योति आई ।

२८तब लोगों में से एक मनुष्य ने कहा, “तेरे पिता ने लोगों को कड़ी शपथ धरा के कहा है, ‘श्रापित हो वह, जो आज कुछ खाए।’” और लोग थके-माँदे थे।

२९योनातान ने कहा, “मेरे पिता ने लोगों को कष्ट दिया है; देखो, मैंने इस मधु को थोड़ा सा चखा, और मेरी आँखें कैसी चमक उठी हैं।

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