1 शमूएल १५:२२
शमूएल ने कहा, “क्या यहोवा होमबलियों, और मेलबलियों से उतना प्रसन्न होता है, जितना कि अपनी बात के माने जाने से प्रसन्न होता है? सुन, मानना तो बलि चढ़ाने से और कान लगाना मेढ़ों की चर्बी से उत्तम है। (मर. 12:32,33)1 शमूएल १५:२२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 1 Samuel 15:22
- Samuel said, “Has the LORD as great delight in burnt offerings and sacrifices, as in obeying the LORD’s voice? Behold, to obey is better than sacrifice, and to listen than the fat of rams.
- ગુજરાતી — 1 શમુએલ ૧૫:૨૨
- શમુએલે કહ્યું કે, “શું ઈશ્વર પોતાની વાણી માનવામાં આવ્યાથી જેટલા રાજી થાય છે, તેટલાં દહનીયાર્પણો તથા બલિદાનોથી થાય છે શું? બલિદાન કરતાં આજ્ઞાપાલન સારું છે, ઘેટાંની ચરબી કરતાં વચન પાળવું સારું છે.
संदर्भ में
२०शाऊल ने शमूएल से कहा, “निःसन्देह मैंने यहोवा की बात मानकर जिधर यहोवा ने मुझे भेजा उधर चला, और अमालेकियों के राजा को ले आया हूँ, और अमालेकियों का सत्यानाश किया है।
२१परन्तु प्रजा के लोग लूट में से भेड़-बकरियों, और गाय-बैलों, अर्थात् नष्ट होने की उत्तम-उत्तम वस्तुओं को गिलगाल में तेरे परमेश्वर यहोवा के लिये बलि चढ़ाने को ले आए हैं।”
२२शमूएल ने कहा, “क्या यहोवा होमबलियों, और मेलबलियों से उतना प्रसन्न होता है, जितना कि अपनी बात के माने जाने से प्रसन्न होता है? सुन, मानना तो बलि चढ़ाने से और कान लगाना मेढ़ों की चर्बी से उत्तम है। (मर. 12:32,33)
२३देख, बलवा करना और भावी कहनेवालों से पूछना एक ही समान पाप है, और हठ करना मूरतों और गृहदेवताओं की पूजा के तुल्य है। तूने जो यहोवा की बात को तुच्छ जाना, इसलिए उसने तुझे राजा होने के लिये तुच्छ जाना है।”
२४शाऊल ने शमूएल से कहा, “मैंने पाप किया है; मैंने तो अपनी प्रजा के लोगों का भय मानकर और उनकी बात सुनकर यहोवा की आज्ञा और तेरी बातों का उल्लंघन किया है।
