1 शमूएल २५:३५
तब दाऊद ने उसे ग्रहण किया जो वह उसके लिये लाई थी; फिर उससे उसने कहा, “अपने घर कुशल से जा; सुन, मैंने तेरी बात मानी है और तेरी विनती ग्रहण कर ली है।”1 शमूएल २५:३५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 1 Samuel 25:35
- So David received from her hand that which she had brought him. Then he said to her, “Go up in peace to your house. Behold, I have listened to your voice and have granted your request.”
- ગુજરાતી — 1 શમુએલ ૨૫:૩૫
- પછી જે તે તેને માટે લાવી હતી તે દાઉદે તેના હાથમાંથી લીધું; દાઉદે તેને કહ્યું, “શાંતિથી તારા ઘરે જા; જો, મેં તારી વિનંતી સાંભળી છે તારે ખાતર તે બધું હું સ્વીકારું છું.”
संदर्भ में
३३और तेरा विवेक धन्य है, और तू आप भी धन्य है, कि तूने मुझे आज के दिन खून करने और अपना बदला आप लेने से रोक लिया है।
३४क्योंकि सचमुच इस्राएल का परमेश्वर यहोवा, जिसने मुझे तेरी हानि करने से रोका है, उसके जीवन की शपथ, यदि तू फुर्ती करके मुझसे भेंट करने को न आती, तो निःसन्देह सवेरे को उजियाला होने तक नाबाल का कोई लड़का भी न बचता।”
३५तब दाऊद ने उसे ग्रहण किया जो वह उसके लिये लाई थी; फिर उससे उसने कहा, “अपने घर कुशल से जा; सुन, मैंने तेरी बात मानी है और तेरी विनती ग्रहण कर ली है।”
३६तब अबीगैल नाबाल के पास लौट गई; और क्या देखती है, कि वह घर में राजा का सा भोज कर रहा है। और नाबाल का मन मगन है, और वह नशे में अति चूर हो गया है; इसलिए उसने भोर का उजियाला होने से पहले उससे कुछ भी न कहा।
३७सवेरे को जब नाबाल का नशा उतर गया, तब उसकी पत्नी ने उसे सारा हाल कह सुनाया, तब उसके मन का हियाव जाता रहा, और वह पत्थर सा सुन्न हो गया ।
