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Methodist Church Nadiad
फिर उन्होंने उसको अंजीर की टिकिया का एक टुकड़ा और दो गुच्छे किशमिश दिए। और जब उसने खाया, तब उसके जी में जी आया; उसने तीन दिन और तीन रात से न तो रोटी खाई थी और न पानी पिया था।

1 शमूएल ३०:१२ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

English1 Samuel 30:12
They gave him a piece of a cake of figs and two clusters of raisins. When he had eaten, his spirit came again to him; for he had eaten no bread, and drank no water for three days and three nights.
ગુજરાતી1 શમુએલ ૩૦:૧૨
અને તેઓએ તેને અંજીરના ચકતામાંથી એક ટુકડો તથા સૂકી દ્રાક્ષાની બે લૂમો આપી. તેણે ખાધું એટલે તેનામાં તાકાત આવી, કેમ કે તેણે ત્રણ દિવસ તથા ત્રણ રાત દરમ્યાન કશું ખાધું ન હતું; કે પાણી પણ પીધું ન હતું.

संदर्भ में

१०दाऊद तो चार सौ पुरुषों समेत पीछा किए चला गया; परन्तु दो सौ जो ऐसे थक गए थे, कि बसोर नदी के पार न जा सके वहीं रहे।

११उनको एक मिस्री पुरुष मैदान में मिला, उन्होंने उसे दाऊद के पास ले जाकर रोटी दी; और उसने उसे खाया, तब उसे पानी पिलाया,

१२फिर उन्होंने उसको अंजीर की टिकिया का एक टुकड़ा और दो गुच्छे किशमिश दिए। और जब उसने खाया, तब उसके जी में जी आया; उसने तीन दिन और तीन रात से न तो रोटी खाई थी और न पानी पिया था।

१३तब दाऊद ने उससे पूछा, “तू किसका जन है? और कहाँ का है?” उसने कहा, “मैं तो मिस्री जवान और एक अमालेकी मनुष्य का दास हूँ; और तीन दिन हुए कि मैं बीमार पड़ा, और मेरा स्वामी मुझे छोड़ गया।

१४हम लोगों ने करेतियों की दक्षिण दिशा में, और यहूदा के देश में, और कालेब की दक्षिण दिशा में चढ़ाई की; और सिकलग को आग लगाकर फूँक दिया था।”

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