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Methodist Church Nadiad
तब दाऊद उन दो सौ पुरुषों के पास आया, जो ऐसे थक गए थे कि दाऊद के पीछे-पीछे न जा सके थे, और बसोर नाले के पास छोड़ दिए गए थे; और वे दाऊद से और उसके संग के लोगों से मिलने को चले; और दाऊद ने उनके पास पहुँचकर उनका कुशल क्षेम पूछा।

1 शमूएल ३०:२१ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

English1 Samuel 30:21
David came to the two hundred men, who were so faint that they could not follow David, whom also they had made to stay at the brook Besor; and they went out to meet David, and to meet the people who were with him. When David came near to the people, he greeted them.
ગુજરાતી1 શમુએલ ૩૦:૨૧
જે બસો માણસો એટલા થાકી ગયા હતા કે તેઓ દાઉદની સાથે જઈ શક્યા ન હતા, તેઓને તેઓએ બસોર નાળાં આગળ રાખ્યા હતા. તેઓની નજીક દાઉદ આવી પહોંચ્યો. ત્યારે આ માણસો દાઉદને તથા તેની સાથેના માણસોને મળવાને સામા ગયા. જયારે દાઉદ તે લોકોની પાસે આવ્યો ત્યારે તેણે તેઓને નમસ્કાર કર્યા.

संदर्भ में

१९वरन् उनके क्या छोटे, क्या बडे़, क्या बेटे, क्या बेटियाँ, क्या लूट का माल, सब कुछ जो अमालेकी ले गए थे, उसमें से कोई वस्तु न रही जो उनको न मिली हो; क्योंकि दाऊद सब का सब लौटा लाया।

२०और दाऊद ने सब भेड़-बकरियाँ, और गाय-बैल भी लूट लिए; और इन्हें लोग यह कहते हुए अपने जानवरों के आगे हाँकते गए, कि यह दाऊद की लूट है।

२१तब दाऊद उन दो सौ पुरुषों के पास आया, जो ऐसे थक गए थे कि दाऊद के पीछे-पीछे न जा सके थे, और बसोर नाले के पास छोड़ दिए गए थे; और वे दाऊद से और उसके संग के लोगों से मिलने को चले; और दाऊद ने उनके पास पहुँचकर उनका कुशल क्षेम पूछा।

२२तब उन लोगों में से जो दाऊद के संग गए थे सब दुष्ट और ओछे लोगों ने कहा, “ये लोग हमारे साथ नहीं चले थे, इस कारण हम उन्हें अपने छुड़ाए हुए लूट के माल में से कुछ न देंगे, केवल एक-एक मनुष्य को उसकी स्त्री और बाल-बच्चे देंगे, कि वे उन्हें लेकर चले जाएँ।”

२३परन्तु दाऊद ने कहा, “हे मेरे भाइयों, तुम उस माल के साथ ऐसा न करने पाओगे जिसे यहोवा ने हमें दिया है; और उसने हमारी रक्षा की, और उस दल को जिसने हमारे ऊपर चढ़ाई की थी हमारे हाथ में कर दिया है।

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