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Methodist Church Nadiad
परमेश्वर ने सुलैमान से कहा, “तेरी जो ऐसी ही इच्छा हुई, अर्थात् तूने न तो धन-सम्पत्ति माँगी है, न ऐश्वर्य और न अपने बैरियों का प्राण और न अपनी दीर्घायु माँगी, केवल बुद्धि और ज्ञान का वर माँगा है, जिससे तू मेरी प्रजा का जिसके ऊपर मैंने तुझे राजा नियुक्त किया है, न्याय कर सके,

2 इतिहास १:११ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

English2 Chronicles 1:11
God said to Solomon, “Because this was in your heart, and you have not asked riches, wealth, honor, or the life of those who hate you, nor yet have you asked for long life; but have asked for wisdom and knowledge for yourself, that you may judge my people, over whom I have made you king,
ગુજરાતી2 કાળવૃતાંત ૧:૧૧
ઈશ્વરે સુલેમાનને કહ્યું, “તારા હૃદયમાં આ મહાન બાબત છે. તેં ધન, સંપત્તિ, આદર અથવા તને જે ધિક્કારે છે તેઓના જીવ, તેમ જ પોતાના માટે લાંબુ આયુષ્ય માગ્યું નહિ; પણ તેં તારા માટે ડહાપણ તથા જ્ઞાન માગ્યું, કે જેથી તું મારા લોકો પર રાજ અને ન્યાય કરી શકે. જો કે એ માટે જ મેં તને રાજા બનાવ્યો છે.

संदर्भ में

अब हे यहोवा परमेश्वर! जो वचन तूने मेरे पिता दाऊद को दिया था, वह पूरा हो; तूने तो मुझे ऐसी प्रजा का राजा बनाया है जो भूमि की धूल के किनकों के समान बहुत है।

१०अब मुझे ऐसी बुद्धि और ज्ञान दे कि मैं इस प्रजा के सामने अन्दर- बाहर आना-जाना कर सकूँ, क्योंकि कौन ऐसा है कि तेरी इतनी बड़ी प्रजा का न्याय कर सके?”

११परमेश्वर ने सुलैमान से कहा, “तेरी जो ऐसी ही इच्छा हुई, अर्थात् तूने न तो धन-सम्पत्ति माँगी है, न ऐश्वर्य और न अपने बैरियों का प्राण और न अपनी दीर्घायु माँगी, केवल बुद्धि और ज्ञान का वर माँगा है, जिससे तू मेरी प्रजा का जिसके ऊपर मैंने तुझे राजा नियुक्त किया है, न्याय कर सके,

१२इस कारण बुद्धि और ज्ञान तुझे दिया जाता है। मैं तुझे इतनी धन-सम्पत्ति और ऐश्वर्य भी दूँगा , जितना न तो तुझ से पहले किसी राजा को मिला और न तेरे बाद किसी राजा को मिलेगा।”

१३तब सुलैमान गिबोन के ऊँचे स्थान से, अर्थात् मिलापवाले तम्बू के सामने से यरूशलेम को आया और वहाँ इस्राएल पर राज्य करने लगा।

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