2 इतिहास १६:१२
अपने राज्य के उनतालीसवें वर्ष में आसा को पाँव का रोग हुआ, और वह रोग बहुत बढ़ गया, तो भी उसने रोगी होकर यहोवा की नहीं वैद्यों ही की शरण ली ।2 इतिहास १६:१२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 2 Chronicles 16:12
- In the thirty-ninth year of his reign, Asa was diseased in his feet. His disease was exceedingly great; yet in his disease he didn’t seek the LORD, but just the physicians.
- ગુજરાતી — 2 કાળવૃતાંત ૧૬:૧૨
- તેના રાજયના ઓગણચાળીસમા વર્ષમાં આસાના પગમાં કોઈ રોગ થયો, તે રોગની પીડા ત્રાસજનક હતી. તોપણ તેણે બીમારીમાં ઈશ્વરની નહિ, પણ વૈદોની સહાય લીધી.
संदर्भ में
१०तब आसा दर्शी पर क्रोधित हुआ और उसे काठ में ठोंकवा दिया, क्योंकि वह उसकी ऐसी बात के कारण उस पर क्रोधित था। और उसी समय से आसा प्रजा के कुछ लोगों पर अत्याचार भी करने लगा।
११आदि से लेकर अन्त तक आसा के काम यहूदा और इस्राएल के राजाओं के वृत्तान्त में लिखे हैं।
१२अपने राज्य के उनतालीसवें वर्ष में आसा को पाँव का रोग हुआ, और वह रोग बहुत बढ़ गया, तो भी उसने रोगी होकर यहोवा की नहीं वैद्यों ही की शरण ली ।
१३अन्त में आसा अपने राज्य के इकतालीसवें वर्ष में मर के अपने पुरखाओं के साथ जा मिला।
१४तब उसको उसी की कब्र में जो उसने दाऊदपुर में खुदवा ली थी, मिट्टी दी गई; और वह सुगन्ध-द्रव्यों और गंधी के काम के भाँति-भाँति के मसालों से भरे हुए एक बिछौने पर लिटा दिया गया, और बहुत सा सुगन्ध-द्रव्य उसके लिये जलाया गया।
