2 इतिहास २:४
देख, मैं अपने परमेश्वर यहोवा के नाम का एक भवन बनाने पर हूँ, कि उसे उसके लिये पवित्र करूँ और उसके सम्मुख सुगन्धित धूप जलाऊँ, और नित्य भेंट की रोटी उसमें रखी जाए; और प्रतिदिन सवेरे और साँझ को, और विश्राम और नये चाँद के दिनों में और हमारे परमेश्वर यहोवा के सब नियत पर्वों में होमबलि चढ़ाया जाए। इस्राएल के लिये ऐसी ही सदा की विधि है।2 इतिहास २:४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 2 Chronicles 2:4
- Behold, I am about to build a house for the name of the LORD my God, to dedicate it to him, to burn before him incense of sweet spices, for the continual show bread, and for the burnt offerings morning and evening, on the Sabbaths, on the new moons, and on the set feasts of the LORD our God. This is an ordinance forever to Israel.
- ગુજરાતી — 2 કાળવૃતાંત ૨:૪
- જુઓ, હું મારા ઈશ્વર યહોવાહ માટે ઘર બાંધવા માગું છું, ત્યાં તેમની સમક્ષ ખુશબુદાર સુગંધીઓનો ધૂપ બાળવાને, નિત્યની અર્પિત રોટલીને સારુ, વિશ્રામવારોએ, ચંદ્રદર્શનના દિવસોએ અને અમારા પ્રભુ ઈશ્વરનાં નક્કી કરેલાં પર્વોને માટે, સવાર તથા સાંજના દહનીયાર્પણોને સારુ તથા તેમના નામને સારુ, હું ઘર બાંધુ છું. ઇઝરાયલને માટે સર્વકાળને સારુ આ વિધિઓ ઠરાવેલા છે.
संदर्भ में
२इसलिए सुलैमान ने सत्तर हजार बोझा ढोनेवाले और अस्सी हजार पहाड़ से पत्थर काटनेवाले और वृक्ष काटनेवाले, और इन पर तीन हजार छः सौ मुखिए गिनती करके ठहराए।
३तब सुलैमान ने सोर के राजा हीराम के पास कहला भेजा, “जैसा तूने मेरे पिता दाऊद से बर्ताव किया, अर्थात् उसके रहने का भवन बनाने को देवदार भेजे थे, वैसा ही अब मुझसे भी बर्ताव कर।
४देख, मैं अपने परमेश्वर यहोवा के नाम का एक भवन बनाने पर हूँ, कि उसे उसके लिये पवित्र करूँ और उसके सम्मुख सुगन्धित धूप जलाऊँ, और नित्य भेंट की रोटी उसमें रखी जाए; और प्रतिदिन सवेरे और साँझ को, और विश्राम और नये चाँद के दिनों में और हमारे परमेश्वर यहोवा के सब नियत पर्वों में होमबलि चढ़ाया जाए। इस्राएल के लिये ऐसी ही सदा की विधि है।
५जो भवन मैं बनाने पर हूँ, वह महान होगा; क्योंकि हमारा परमेश्वर सब देवताओं में महान है।
६परन्तु किस में इतनी शक्ति है, कि उसके लिये भवन बनाए, वह तो स्वर्ग में वरन् सबसे ऊँचे स्वर्ग में भी नहीं समाता? मैं क्या हूँ कि उसके सामने धूप जलाने को छोड़ और किसी विचार से उसका भवन बनाऊँ?
