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Methodist Church Nadiad
तब उसने प्रजा के साथ सम्मति करके कितनों को ठहराया, जो कि पवित्रता से शोभायमान होकर हथियार-बन्दों के आगे-आगे चलते हुए यहोवा के गीत गाएँ, और यह कहते हुए उसकी स्तुति करें, “यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि उसकी करुणा सदा की है।”

2 इतिहास २०:२१ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

English2 Chronicles 20:21
When he had taken counsel with the people, he appointed those who were to sing to the LORD and give praise in holy array as they go out before the army, and say, “Give thanks to the LORD, for his loving kindness endures forever.”
ગુજરાતી2 કાળવૃતાંત ૨૦:૨૧
જયારે તેણે લોકોને બોધ શિક્ષા આપવાનું પૂરું કર્યું ત્યારપછી સૈન્યની આગળ ચાલતાં ચાલતાં ઈશ્વરની સમક્ષ ગાયન કરનારાઓને, પવિત્ર વસ્ત્રો ધારણ કરીને તેમની સ્તુતિ કરનારાઓને તથા ‘ઈશ્વરનો આભાર માનો કેમ કે તેમની કૃપા સદાકાળ ટકે છે’ એ સ્તોત્ર ગાનારાઓને નિયુક્ત કર્યા.”

संदर्भ में

१९कहातियों और कोरहियों में से कुछ लेवीय खड़े होकर इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की स्तुति अत्यन्त ऊँचे स्वर से करने लगे।

२०वे सवेरे उठकर तकोआ के जंगल की ओर निकल गए; और चलते समय यहोशापात ने खड़े होकर कहा, “हे यहूदियों, हे यरूशलेम के निवासियों, मेरी सुनो, अपने परमेश्वर यहोवा पर विश्वास रखो, तब तुम स्थिर रहोगे; उसके नबियों पर विश्वास करो, तब तुम कृतार्थ हो जाओगे।”

२१तब उसने प्रजा के साथ सम्मति करके कितनों को ठहराया, जो कि पवित्रता से शोभायमान होकर हथियार-बन्दों के आगे-आगे चलते हुए यहोवा के गीत गाएँ, और यह कहते हुए उसकी स्तुति करें, “यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि उसकी करुणा सदा की है।”

२२जिस समय वे गाकर स्तुति करने लगे, उसी समय यहोवा ने अम्मोनियों, मोआबियों और सेईर के पहाड़ी देश के लोगों पर जो यहूदा के विरुद्ध आ रहे थे, घातकों को बैठा दिया और वे मारे गए।

२३क्योंकि अम्मोनियों और मोआबियों ने सेईर के पहाड़ी देश के निवासियों को डराने और सत्यानाश करने के लिये उन पर चढ़ाई की, और जब वे सेईर के पहाड़ी देश के निवासियों का अन्त कर चुके, तब उन सभी ने एक दूसरे का नाश करने में हाथ लगाया।

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