Skip to content
Methodist Church Nadiad
जब उन्होंने वह काम पूरा कर लिया, तब वे शेष रुपये राजा और यहोयादा के पास ले गए, और उनसे यहोवा के भवन के लिये पात्र बनाए गए, अर्थात् सेवा टहल करने और होमबलि चढ़ाने के पात्र और धूपदान आदि सोने चाँदी के पात्र। जब तक यहोयादा जीवित रहा, तब तक यहोवा के भवन में होमबलि नित्य चढ़ाए जाते थे।

2 इतिहास २४:१४ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

English2 Chronicles 24:14
When they had finished, they brought the rest of the money before the king and Jehoiada, from which were made vessels for the LORD’s house, even vessels with which to minister and to offer, including spoons and vessels of gold and silver. They offered burnt offerings in the LORD’s house continually all the days of Jehoiada.
ગુજરાતી2 કાળવૃતાંત ૨૪:૧૪
તેઓ તે કામ સમાપ્ત કરી રહ્યા, ત્યારે તેઓ બાકીના પૈસા રાજા તથા યહોયાદાની પાસે લાવ્યા. તેમાંથી ઈશ્વરના ઘરને માટે સેવાના તથા અર્પણનાં પાત્રો, ચમચાઓ તથા સોના ચાંદીની બીજી વસ્તુઓ બનાવવામાં આવી. યહોયાદાના દિવસો સુધી તેઓ ઈશ્વરના ઘરમાં નિત્ય દહનીયાર્પણ ચઢાવતા હતા.

संदर्भ में

१२तब राजा और यहोयादा ने वह रुपये यहोवा के भवन में काम करनेवालों को दे दिए, और उन्होंने राजमिस्त्रियों और बढ़इयों को यहोवा के भवन के सुधारने के लिये, और लोहारों और ठठेरों को यहोवा के भवन की मरम्मत करने के लिये मजदूरी पर रखा।

१३कारीगर काम करते गए और काम पूरा होता गया, और उन्होंने परमेश्वर का भवन जैसा का तैसा बनाकर दृढ़ कर दिया।

१४जब उन्होंने वह काम पूरा कर लिया, तब वे शेष रुपये राजा और यहोयादा के पास ले गए, और उनसे यहोवा के भवन के लिये पात्र बनाए गए, अर्थात् सेवा टहल करने और होमबलि चढ़ाने के पात्र और धूपदान आदि सोने चाँदी के पात्र। जब तक यहोयादा जीवित रहा, तब तक यहोवा के भवन में होमबलि नित्य चढ़ाए जाते थे।

१५परन्तु यहोयादा बूढ़ा हो गया और दीर्घायु होकर मर गया। जब वह मर गया तब एक सौ तीस वर्ष का था।

१६और दाऊदपुर में राजाओं के बीच उसको मिट्टी दी गई , क्योंकि उसने इस्राएल में और परमेश्वर के और उसके भवन के विषय में भला किया था।

पूरा अध्याय पढ़ें

Ask us anything

Try asking

This assistant searches this website and the Bible, and uses AI for general questions about the Bible — those answers are marked. It cannot answer everything; for anything personal, please speak to our pastors.