2 इतिहास २६:१५
फिर उसने यरूशलेम में गुम्मटों और कंगूरों पर रखने को चतुर पुरुषों के निकाले हुए यन्त्र भी बनवाए जिनके द्वारा तीर और बड़े-बड़े पत्थर फेंके जाते थे। उसकी कीर्ति दूर-दूर तक फैल गई, क्योंकि उसे अद्भुत सहायता यहाँ तक मिली कि वह सामर्थी हो गया।2 इतिहास २६:१५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 2 Chronicles 26:15
- In Jerusalem, he made devices, invented by skillful men, to be on the towers and on the battlements, with which to shoot arrows and great stones. His name spread far abroad, because he was marvelously helped until he was strong.
- ગુજરાતી — 2 કાળવૃતાંત ૨૬:૧૫
- તેણે યરુશાલેમમાં બુરજો પર, મોરચાઓ પર ગોઠવવા માટે બાણો તથા મોટા પથ્થરો ફેંકવા માટે બાહોશ કારીગરો દ્વારા યાંત્રિક ઉપકરણો બનાવડાવ્યા. તેની કીર્તિ ઘણે દૂર સુધી ફેલાઈ ગઈ, કેમ કે તે બળવાન થયો ત્યાં સુધી અજાયબ રીતે તેને સહાય મળી હતી.
संदर्भ में
१३उनके अधिकार में तीन लाख साढ़े सात हजार की एक बड़ी सेना थी, जो शत्रुओं के विरुद्ध राजा की सहायता करने को बड़े बल से युद्ध करनेवाले थे।
१४इनके लिये अर्थात् पूरी सेना के लिये उज्जियाह ने ढालें, भाले, टोप, झिलम, धनुष और गोफन के पत्थर तैयार किए।
१५फिर उसने यरूशलेम में गुम्मटों और कंगूरों पर रखने को चतुर पुरुषों के निकाले हुए यन्त्र भी बनवाए जिनके द्वारा तीर और बड़े-बड़े पत्थर फेंके जाते थे। उसकी कीर्ति दूर-दूर तक फैल गई, क्योंकि उसे अद्भुत सहायता यहाँ तक मिली कि वह सामर्थी हो गया।
१६परन्तु जब वह सामर्थी हो गया, तब उसका मन फूल उठा; और उसने बिगड़कर अपने परमेश्वर यहोवा का विश्वासघात किया, अर्थात् वह धूप की वेदी पर धूप जलाने को यहोवा के मन्दिर में घुस गया।
१७पर अजर्याह याजक उसके बाद भीतर गया, और उसके संग यहोवा के अस्सी याजक भी जो वीर थे गए।
