2 इतिहास २९:३२
जो होमबलि पशु मण्डली के लोग ले आए, उनकी गिनती यह थी; सत्तर बैल, एक सौ मेढ़े, और दो सौ भेड़ के बच्चे; ये सब यहोवा के निमित्त होमबलि के काम में आए।2 इतिहास २९:३२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 2 Chronicles 29:32
- The number of the burnt offerings which the assembly brought was seventy bulls, one hundred rams, and two hundred lambs. All these were for a burnt offering to the LORD.
- ગુજરાતી — 2 કાળવૃતાંત ૨૯:૩૨
- જે દહનીયાર્પણો પ્રજા લાવી હતી તેઓની સંખ્યા સિત્તેર બળદો, સો ઘેટાં તથા બસો હલવાન હતાં. આ સર્વ ઈશ્વરને દહનીયાર્પણ તરીકે ચઢાવવામાં આવ્યા.
संदर्भ में
३०राजा हिजकिय्याह और हाकिमों ने लेवियों को आज्ञा दी, कि दाऊद और आसाप दर्शी के भजन गाकर यहोवा की स्तुति करें। अतः उन्होंने आनन्द के साथ स्तुति की और सिर झुकाकर दण्डवत् किया।
३१तब हिजकिय्याह कहने लगा, “ अब तुम ने यहोवा के निमित्त अपना अर्पण किया है ; इसलिए समीप आकर यहोवा के भवन में मेलबलि और धन्यवाद-बलि पहुँचाओ।” तब मण्डली के लोगों ने मेलबलि और धन्यवाद-बलि पहुँचा दिए, और जितने अपनी इच्छा से देना चाहते थे उन्होंने भी होमबलि पहुँचाए। (लैव्य. 7:12)
३२जो होमबलि पशु मण्डली के लोग ले आए, उनकी गिनती यह थी; सत्तर बैल, एक सौ मेढ़े, और दो सौ भेड़ के बच्चे; ये सब यहोवा के निमित्त होमबलि के काम में आए।
३३पवित्र किए हुए पशु, छः सौ बैल और तीन हजार भेड़-बकरियाँ थीं।
३४परन्तु याजक ऐसे थोड़े थे, कि वे सब होमबलि पशुओं की खालें न उतार सके, तब उनके भाई लेवीय उस समय तक उनकी सहायता करते रहे जब तक वह काम पूरा न हो गया; और याजकों ने अपने को पवित्र न किया; क्योंकि लेवीय अपने को पवित्र करने के लिये पवित्र याजकों से अधिक सीधे मन के थे।
