2 इतिहास ३:१५
भवन के सामने उसने पैंतीस-पैंतीस हाथ ऊँचे दो खम्भे बनवाए, और जो कँगनी एक-एक के ऊपर थी वह पाँच-पाँच हाथ की थी।2 इतिहास ३:१५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 2 Chronicles 3:15
- Also he made before the house two pillars thirty-five cubits high, and the capital that was on the top of each of them was five cubits.
- ગુજરાતી — 2 કાળવૃતાંત ૩:૧૫
- સુલેમાને સભાસ્થાન આગળ પાંત્રીસ હાથ ઊંચા બે સ્તંભ બનાવ્યા, દરેકની ટોચે કળશ મૂકાવ્યા હતા. તે પાંચ હાથ ઊંચા હતા.
संदर्भ में
१३इन करूबों के पंख बीस हाथ फैले हुए थे; और वे अपने-अपने पाँवों के बल खड़े थे, और अपना-अपना मुख भीतर की ओर किए हुए थे।
१४फिर उसने बीचवाले पर्दे को नीले, बैंगनी और लाल रंग के सन के कपड़े का बनवाया, और उस पर करूब कढ़वाए।
१५भवन के सामने उसने पैंतीस-पैंतीस हाथ ऊँचे दो खम्भे बनवाए, और जो कँगनी एक-एक के ऊपर थी वह पाँच-पाँच हाथ की थी।
१६फिर उसने भीतरी कोठरी में साँकलें बनवाकर खम्भों के ऊपर लगाई, और एक सौ अनार भी बनाकर साँकलों पर लटकाए।
१७उसने इन खम्भों को मन्दिर के सामने, एक तो उसकी दाहिनी ओर और दूसरा बाईं ओर खड़ा कराया; और दाहिने खम्भे का नाम याकीन और बाएँ खम्भे का नाम बोअज रखा।
