2 इतिहास ३२:४
इस पर बहुत से लोग इकट्ठे हुए, और यह कहकर कि, “अश्शूर के राजा क्यों यहाँ आएँ, और आकर बहुत पानी पाएँ,” उन्होंने सब सोतों को रोक दिया और उस नदी को सुखा दिया जो देश के मध्य से होकर बहती थी।2 इतिहास ३२:४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 2 Chronicles 32:4
- Then many people gathered together and they stopped all the springs and the brook that flowed through the middle of the land, saying, “Why should the kings of Assyria come, and find abundant water?”
- ગુજરાતી — 2 કાળવૃતાંત ૩૨:૪
- ઘણાં લોકો ભેગા થયા અને તેઓએ સર્વ ઝરાઓને તથા દેશમાં થઈને વહેતાં નાળાંને પૂરી દીધાં. તેઓએ કહ્યું, “શા માટે આશ્શૂરના રાજાઓને ઘણું પાણી મળવું જોઈએ?”
संदर्भ में
२यह देखकर कि सन्हेरीब निकट आया है और यरूशलेम से लड़ने की इच्छा करता है,
३हिजकिय्याह ने अपने हाकिमों और वीरों के साथ यह सम्मति की, कि नगर के बाहर के सोतों को पटवा दें ; और उन्होंने उसकी सहायता की।
४इस पर बहुत से लोग इकट्ठे हुए, और यह कहकर कि, “अश्शूर के राजा क्यों यहाँ आएँ, और आकर बहुत पानी पाएँ,” उन्होंने सब सोतों को रोक दिया और उस नदी को सुखा दिया जो देश के मध्य से होकर बहती थी।
५फिर हिजकिय्याह ने हियाव बाँधकर शहरपनाह जहाँ कहीं टूटी थी, वहाँ-वहाँ उसको बनवाया, और उसे गुम्मटों के बराबर ऊँचा किया और बाहर एक और शहरपनाह बनवाई, और दाऊदपुर में मिल्लो को दृढ़ किया। और बहुत से हथियार और ढालें भी बनवाईं।
६तब उसने प्रजा के ऊपर सेनापति नियुक्त किए और उनको नगर के फाटक के चौक में इकट्ठा किया, और यह कहकर उनको धीरज दिया,
