2 इतिहास ३३:१४
इसके बाद उसने दाऊदपुर से बाहर गीहोन के पश्चिम की ओर नाले में मछली फाटक तक एक शहरपनाह बनवाई, फिर ओपेल को घेरकर बहुत ऊँचा कर दिया; और यहूदा के सब गढ़वाले नगरों में सेनापति ठहरा दिए।2 इतिहास ३३:१४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 2 Chronicles 33:14
- Now after this, he built an outer wall to David’s city on the west side of Gihon, in the valley, even to the entrance at the fish gate. He encircled Ophel with it, and raised it up to a very great height; and he put valiant captains in all the fortified cities of Judah.
- ગુજરાતી — 2 કાળવૃતાંત ૩૩:૧૪
- આ પછી, મનાશ્શાએ દાઉદનગરની બહારની દીવાલ ફરીથી બાંધી, ગિહોનની પશ્ચિમ બાજુએ, ખીણમાં મચ્છી દરવાજા સુધી તે દીવાલ બાંધી. આ દીવાલ ઓફેલની આસપાસ વધારીને તેને ઘણી ઊંચી કરી. તેને યહૂદિયાના સર્વ કિલ્લાવાળા નગરોમાં નીડર સરદારોની નિમણૂક કરી.
संदर्भ में
१२तब संकट में पड़कर वह अपने परमेश्वर यहोवा को मानने लगा, और अपने पूर्वजों के परमेश्वर के सामने बहुत दीन हुआ, और उससे प्रार्थना की।
१३तब उसने प्रसन्न होकर उसकी विनती सुनी, और उसको यरूशलेम में पहुँचाकर उसका राज्य लौटा दिया। तब मनश्शे को निश्चय हो गया कि यहोवा ही परमेश्वर है।
१४इसके बाद उसने दाऊदपुर से बाहर गीहोन के पश्चिम की ओर नाले में मछली फाटक तक एक शहरपनाह बनवाई, फिर ओपेल को घेरकर बहुत ऊँचा कर दिया; और यहूदा के सब गढ़वाले नगरों में सेनापति ठहरा दिए।
१५फिर उसने पराए देवताओं को और यहोवा के भवन में की मूर्ति को, और जितनी वेदियाँ उसने यहोवा के भवन के पर्वत पर, और यरूशलेम में बनवाई थीं, उन सब को दूर करके नगर से बाहर फेंकवा दिया।
१६तब उसने यहोवा की वेदी की मरम्मत की, और उस पर मेलबलि और धन्यवाद-बलि चढ़ाने लगा, और यहूदियों को इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की उपासना करने की आज्ञा दी।
