2 इतिहास ३३:१९
और उसकी प्रार्थना और वह कैसे सुनी गई, और उसका सारा पाप और विश्वासघात और उसने दीन होने से पहले कहाँ-कहाँ ऊँचे स्थान बनवाए, और अशेरा नामक और खुदी हुई मूर्तियाँ खड़ी कराईं, यह सब होशे के वचनों में लिखा है।2 इतिहास ३३:१९ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 2 Chronicles 33:19
- His prayer also, and how God listened to his request, and all his sin and his trespass, and the places in which he built high places and set up the Asherah poles and the engraved images before he humbled himself: behold, they are written in the history of Hozai.
- ગુજરાતી — 2 કાળવૃતાંત ૩૩:૧૯
- તેણે કરેલી પ્રાર્થના, ઈશ્વરે આપેલો તેનો જવાબ, તેનાં બધાં પાપો તથા અપરાધ, જે જગ્યાઓમાં તેણે ધર્મસ્થાનો બાંધ્યાં અને અશેરીમ તથા કોતરેલી મૂર્તિઓ બેસાડી તે સર્વ બાબતોની નોંધ પ્રબોધકના પુસ્તકમાં કરવામાં આવેલી છે.
संदर्भ में
१७तो भी प्रजा के लोग ऊँचे स्थानों पर बलिदान करते रहे, परन्तु केवल अपने परमेश्वर यहोवा के लिये।
१८मनश्शे के और काम, और उसने जो प्रार्थना अपने परमेश्वर से की, और उन दर्शियों के वचन जो इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के नाम से उससे बातें करते थे, यह सब इस्राएल के राजाओं के इतिहास में लिखा हुआ है।
१९और उसकी प्रार्थना और वह कैसे सुनी गई, और उसका सारा पाप और विश्वासघात और उसने दीन होने से पहले कहाँ-कहाँ ऊँचे स्थान बनवाए, और अशेरा नामक और खुदी हुई मूर्तियाँ खड़ी कराईं, यह सब होशे के वचनों में लिखा है।
२०अन्त में मनश्शे मरकर अपने पुरखाओं के संग जा मिला और उसे उसी के घर में मिट्टी दी गई; और उसका पुत्र आमोन उसके स्थान पर राज्य करने लगा।
२१जब आमोन राज्य करने लगा, तब वह बाईस वर्ष का था, और यरूशलेम में दो वर्ष तक राज्य करता रहा।
