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Methodist Church Nadiad
इसलिए यदि वे अपनी बँधुआई के देश में जहाँ वे उन्हें बन्दी बनाकर ले गए हों अपने पूरे मन और सारे जीव से तेरी ओर फिरें, और अपने इस देश की ओर जो तूने उनके पुरखाओं को दिया था, और इस नगर की ओर जिसे तूने चुना है, और इस भवन की ओर जिसे मैंने तेरे नाम का बनाया है, मुँह किए हुए तुझ से प्रार्थना करें,

2 इतिहास ६:३८ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

English2 Chronicles 6:38
if they return to you with all their heart and with all their soul in the land of their captivity, where they have been taken captive, and pray toward their land which you gave to their fathers, and the city which you have chosen, and toward the house which I have built for your name;
ગુજરાતી2 કાળવૃતાંત ૬:૩૮
કદાચ જો તેઓ તેમના બંદીવાસમાંથી કે જ્યાંથી તેઓને બંદી બનાવવામાં આવ્યા હતા ત્યાંથી તેમના પૂરા મનથી તથા આત્માથી તમારી તરફ પાછા ફરે અને કદાચ તેઓ તેમના પિતૃઓને આપેલી ભૂમિ અને તમે પસંદ કરેલા શહેર તથા તમારા નામ માટે મેં બાંધેલા આ સભાસ્થાન તરફ મોં કરીને પ્રાર્થના કરે.

संदर्भ में

३६“निष्पाप तो कोई मनुष्य नहीं है यदि वे भी तेरे विरुद्ध पाप करें और तू उन पर कोप करके उन्हें शत्रुओं के हाथ कर दे, और वे उन्हें बन्दी बनाकर किसी देश को, चाहे वह दूर हो, चाहे निकट, ले जाएँ,

३७तो यदि वे बँधुआई के देश में सोच विचार करें, और फिरकर अपने बन्दी बनानेवालों के देश में तुझ से गिड़गिड़ाकर कहें, ‘हमने पाप किया, और कुटिलता और दुष्टता की है,’

३८इसलिए यदि वे अपनी बँधुआई के देश में जहाँ वे उन्हें बन्दी बनाकर ले गए हों अपने पूरे मन और सारे जीव से तेरी ओर फिरें, और अपने इस देश की ओर जो तूने उनके पुरखाओं को दिया था, और इस नगर की ओर जिसे तूने चुना है, और इस भवन की ओर जिसे मैंने तेरे नाम का बनाया है, मुँह किए हुए तुझ से प्रार्थना करें,

३९तो तू अपने स्वर्गीय निवास-स्थान में से उनकी प्रार्थना और गिड़गिड़ाहट सुनना, और उनका न्याय करना और जो पाप तेरी प्रजा के लोग तेरे विरुद्ध करें, उन्हें क्षमा करना।

४०और हे मेरे परमेश्वर! जो प्रार्थना इस स्थान में की जाए उसकी ओर अपनी आँखें खोले रह और अपने कान लगाए रख।

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