2 इतिहास ७:१३
यदि मैं आकाश को ऐसा बन्द करूँ, कि वर्षा न हो, या टिड्डियों को देश उजाड़ने की आज्ञा दूँ, या अपनी प्रजा में मरी फैलाऊं,2 इतिहास ७:१३ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 2 Chronicles 7:13
- “If I shut up the sky so that there is no rain, or if I command the locust to devour the land, or if I send pestilence among my people,
- ગુજરાતી — 2 કાળવૃતાંત ૭:૧૩
- કદાચ હું આકાશને બંધ કરી દઉં કે જેથી વરસાદ ન વર્ષે, અથવા જો હું તીડોને પાક ખાઈ જવાની આજ્ઞા કરું, અથવા જો હું મારા લોકોમાં રોગચાળો મોકલું.
संदर्भ में
११अतः सुलैमान यहोवा के भवन और राजभवन को बना चुका, और यहोवा के भवन में और अपने भवन में जो कुछ उसने बनाना चाहा, उसमें उसका मनोरथ पूरा हुआ।
१२तब यहोवा ने रात में उसको दर्शन देकर उससे कहा, “मैंने तेरी प्रार्थना सुनी और इस स्थान को यज्ञ के भवन के लिये अपनाया है।
१३यदि मैं आकाश को ऐसा बन्द करूँ, कि वर्षा न हो, या टिड्डियों को देश उजाड़ने की आज्ञा दूँ, या अपनी प्रजा में मरी फैलाऊं,
१४तब यदि मेरी प्रजा के लोग जो मेरे कहलाते हैं, दीन होकर प्रार्थना करें और मेरे दर्शन के खोजी होकर अपनी बुरी चाल से फिरें, तो मैं स्वर्ग में से सुनकर उनका पाप क्षमा करूँगा और उनके देश को ज्यों का त्यों कर दूँगा।
१५अब से जो प्रार्थना इस स्थान में की जाएगी, उस पर मेरी आँखें खुली और मेरे कान लगे रहेंगे।
