Skip to content
Methodist Church Nadiad

2 कुरिन्थियों ९:५

इसलिए मैंने भाइयों से यह विनती करना अवश्य समझा कि वे पहले से तुम्हारे पास जाएँ, और तुम्हारी उदारता का फल जिसके विषय में पहले से वचन दिया गया था, तैयार कर रखें, कि यह दबाव से नहीं परन्तु उदारता के फल की तरह तैयार हो।

2 कुरिन्थियों ९:५ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

English2 Corinthians 9:5
I thought it necessary therefore to entreat the brothers that they would go before to you and arrange ahead of time the generous gift that you promised before, that the same might be ready as a matter of generosity, and not of greediness.
ગુજરાતીકરિંથીઓને બીજો પત્ર ૯:૫
આથી મને જરૂરી લાગ્યું કે ભાઈઓને વિનંતી કરવી કે તેઓ તમારી પાસે વહેલાં આવે અને જે દાન આપવાનું તમે વચન આપ્યું હતું, તે અગાઉથી ઉઘરાવી રાખે. તે દાન જબરદસ્તીથી નહિ પણ ઉદારતાથી તૈયાર રાખવામાં આવે.

संदर्भ में

परन्तु मैंने भाइयों को इसलिए भेजा है, कि हमने जो घमण्ड तुम्हारे विषय में दिखाया, वह इस बात में व्यर्थ न ठहरे; परन्तु जैसा मैंने कहा; वैसे ही तुम तैयार रहो।

ऐसा न हो, कि यदि कोई मकिदुनी मेरे साथ आए, और तुम्हें तैयार न पाए, तो क्या जानें, इस भरोसे के कारण हम (यह नहीं कहते कि तुम) लज्जित हों।

इसलिए मैंने भाइयों से यह विनती करना अवश्य समझा कि वे पहले से तुम्हारे पास जाएँ, और तुम्हारी उदारता का फल जिसके विषय में पहले से वचन दिया गया था, तैयार कर रखें, कि यह दबाव से नहीं परन्तु उदारता के फल की तरह तैयार हो।

परन्तु बात तो यह है, कि जो थोड़ा बोता है वह थोड़ा काटेगा भी; और जो बहुत बोता है, वह बहुत काटेगा। (नीति. 11:24, नीति. 22:9)

हर एक जन जैसा मन में ठाने वैसा ही दान करे; न कुढ़-कुढ़ के, और न दबाव से, क्योंकि परमेश्वर हर्ष से देनेवाले से प्रेम रखता है। (व्यव. 18:10, नीति. 22:9, नीति. 11:25)

पूरा अध्याय पढ़ें

Ask us anything

Try asking

This assistant searches this website and the Bible, and uses AI for general questions about the Bible — those answers are marked. It cannot answer everything; for anything personal, please speak to our pastors.