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फिर राजा ने तीसरी बार पचास सिपाहियों के एक और प्रधान को, पचासों सिपाहियों समेत भेज दिया, और पचास का वह तीसरा प्रधान चढ़कर, एलिय्याह के सामने घुटनों के बल गिरा, और गिड़गिड़ाकर उससे विनती की, “हे परमेश्वर के भक्त मेरा प्राण और तेरे इन पचास दासों के प्राण तेरी दृष्टि में अनमोल ठहरें।

2 राजाओं १:१३ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

English2 Kings 1:13
Again he sent the captain of a third fifty with his fifty. The third captain of fifty went up, and came and fell on his knees before Elijah, and begged him, and said to him, “Man of God, please let my life and the life of these fifty of your servants be precious in your sight.
ગુજરાતી2 રાજાઓ ૧:૧૩
ફરીથી રાજાએ ત્રીજા પચાસ સૈનિકોને સરદાર સાથે તેની પાસે મોકલ્યો. ત્રીજા સરદારે ઉપર જઈને એલિયા આગળ ઘૂંટણે પડીને તેને વિનંતી કરીને કહ્યું, “હે ઈશ્વરભક્ત, કૃપા કરીને મારું જીવન તથા આ મારા પચાસ સૈનિકોનાં જીવન તમારી દ્રષ્ટિમાં મૂલ્યવાન ગણાઓ.

संदर्भ में

११फिर राजा ने उसके पास पचास सिपाहियों के एक और प्रधान को, पचासों सिपाहियों समेत भेज दिया। प्रधान ने उससे कहा, “हे परमेश्वर के भक्त राजा ने कहा है, ‘फुर्ती से तू उतर आ।’”

१२एलिय्याह ने उत्तर देकर उनसे कहा, “यदि मैं परमेश्वर का भक्त हूँ तो आकाश से आग गिरकर तुझे और तेरे पचासों समेत भस्म कर डाले।” तब आकाश से परमेश्वर की आग उतरी और उसे उसके पचासों समेत भस्म कर दिया।

१३फिर राजा ने तीसरी बार पचास सिपाहियों के एक और प्रधान को, पचासों सिपाहियों समेत भेज दिया, और पचास का वह तीसरा प्रधान चढ़कर, एलिय्याह के सामने घुटनों के बल गिरा, और गिड़गिड़ाकर उससे विनती की, “हे परमेश्वर के भक्त मेरा प्राण और तेरे इन पचास दासों के प्राण तेरी दृष्टि में अनमोल ठहरें।

१४पचास-पचास सिपाहियों के जो दो प्रधान अपने-अपने पचासों समेत पहले आए थे, उनको तो आग ने आकाश से गिरकर भस्म कर डाला, परन्तु अब मेरा प्राण तेरी दृष्टि में अनमोल ठहरे।”

१५तब यहोवा के दूत ने एलिय्याह से कहा, “उसके संग नीचे जा, उससे मत डर।” तब एलिय्याह उठकर उसके संग राजा के पास नीचे गया,

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