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इस कारण उन्होंने अश्शूर के राजा के पास कहला भेजा कि जो जातियाँ तूने उनके देशों से निकालकर सामरिया के नगरों में बसा दी हैं, वे उस देश के देवता की रीति नहीं जानतीं, इससे उसने उसके मध्य सिंह भेजे हैं जो उनको इसलिए मार डालते हैं कि वे उस देश के देवता की रीति नहीं जानते।

2 राजाओं १७:२६ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

English2 Kings 17:26
Therefore they spoke to the king of Assyria, saying, “The nations which you have carried away and placed in the cities of Samaria don’t know the law of the god of the land. Therefore he has sent lions among them; and behold, they kill them, because they don’t know the law of the god of the land.”
ગુજરાતી2 રાજાઓ ૧૭:૨૬
માટે તેઓએ આશ્શૂરના રાજાને કહેવડાવ્યું કે, “જે પ્રજાઓને લઈ જઈને તમે સમરુનના નગરોમાં વસાવી છે, તેઓ તે દેશના દેવના વિધિઓ જાણતા નથી. આથી તેઓએ તેઓની વચ્ચે સિંહો મોકલ્યા છે, જુઓ સિંહો લોકોને મારી નાખે છે, કેમ કે, એ લોકો તે દેશના દેવના વિધિઓ જાણતા ન હતા.”

संदर्भ में

२४अश्शूर के राजा ने बाबेल, कूता, अव्वा, हमात और सपर्वैम नगरों से लोगों को लाकर, इस्राएलियों के स्थान पर सामरिया के नगरों में बसाया; सो वे सामरिया के अधिकारी होकर उसके नगरों में रहने लगे।

२५जब वे वहाँ पहले-पहले रहने लगे, तब यहोवा का भय न मानते थे, इस कारण यहोवा ने उनके बीच सिंह भेजे, जो उनको मार डालने लगे।

२६इस कारण उन्होंने अश्शूर के राजा के पास कहला भेजा कि जो जातियाँ तूने उनके देशों से निकालकर सामरिया के नगरों में बसा दी हैं, वे उस देश के देवता की रीति नहीं जानतीं, इससे उसने उसके मध्य सिंह भेजे हैं जो उनको इसलिए मार डालते हैं कि वे उस देश के देवता की रीति नहीं जानते।

२७तब अश्शूर के राजा ने आज्ञा दी, “जिन याजकों को तुम उस देश से ले आए, उनमें से एक को वहाँ पहुँचा दो; और वह वहाँ जाकर रहे, और वह उनको उस देश के देवता की रीति सिखाए।”

२८तब जो याजक सामरिया से निकाले गए थे, उनमें से एक जाकर बेतेल में रहने लगा, और उनको सिखाने लगा कि यहोवा का भय किस रीति से मानना चाहिये।

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