2 राजाओं २५:१७
एक-एक खम्भे की ऊँचाई अठारह-अठारह हाथ की थी और एक-एक खम्भे के ऊपर तीन-तीन हाथ ऊँची पीतल की एक-एक कँगनी थी, और एक-एक कँगनी पर चारों ओर जो जाली और अनार बने थे, वे सब पीतल के थे।2 राजाओं २५:१७ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 2 Kings 25:17
- The height of the one pillar was eighteen cubits, and a capital of bronze was on it. The height of the capital was three cubits, with network and pomegranates on the capital around it, all of bronze; and the second pillar with its network was like these.
- ગુજરાતી — 2 રાજાઓ ૨૫:૧૭
- એક સ્તંભની ઊંચાઈ અઢાર હાથ હતી, તેના પર પિત્તળનું મથાળું હતું. તેની ઊંચાઈ ત્રણ હાથ હતી, મથાળાની ચારે બાજુ જાળીકામ અને દાડમો પાડેલાં હતાં, તે બધાં પિત્તળનાં બનાવેલાં હતાં. પહેલાંની જેમ બીજો સ્તંભ પણ જાળીકામ કરેલા જેવો હતો.
संदर्भ में
१५करछे और कटोरियाँ जो सोने की थीं, और जो कुछ चाँदी का था, वह सब सोना, चाँदी, अंगरक्षकों का प्रधान ले गया।
१६दोनों खम्भे, एक हौद और कुर्सियाँ जिसको सुलैमान ने यहोवा के भवन के लिये बनाया था, इन सब वस्तुओं का पीतल तौल से बाहर था।
१७एक-एक खम्भे की ऊँचाई अठारह-अठारह हाथ की थी और एक-एक खम्भे के ऊपर तीन-तीन हाथ ऊँची पीतल की एक-एक कँगनी थी, और एक-एक कँगनी पर चारों ओर जो जाली और अनार बने थे, वे सब पीतल के थे।
१८अंगरक्षकों के प्रधान ने सरायाह महायाजक और उसके नीचे के याजक सपन्याह और तीनों द्वारपालों को पकड़ लिया।
१९नगर में से उसने एक हाकिम को पकड़ा जो योद्धाओं के ऊपर था, और जो पुरुष राजा के सम्मुख रहा करते थे, उनमें से पाँच जन जो नगर में मिले, और सेनापति का मुंशी जो लोगों को सेना में भरती किया करता था; और लोगों में से साठ पुरुष जो नगर में मिले।
