2 राजाओं २५:२७
फिर यहूदा के राजा यहोयाकीन की बँधुआई के तैंतीसवें वर्ष में अर्थात् जिस वर्ष बाबेल का राजा एवील्मरोदक राजगद्दी पर विराजमान हुआ, उसी के बारहवें महीने के सताईसवें दिन को उसने यहूदा के राजा यहोयाकीन को बन्दीगृह से निकालकर बड़ा पद दिया।2 राजाओं २५:२७ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 2 Kings 25:27
- In the thirty-seventh year of the captivity of Jehoiachin king of Judah, in the twelfth month, on the twenty-seventh day of the month, Evilmerodach king of Babylon, in the year that he began to reign, released Jehoiachin king of Judah out of prison,
- ગુજરાતી — 2 રાજાઓ ૨૫:૨૭
- યહૂદિયાના રાજા યહોયાખીનના દેશનિકાલ થયાના સાડત્રીસમા વર્ષે, બારમા માસમાં, તે માસના સત્તાવીસમે દિવસે એવું બન્યું કે, બાબિલના રાજા એવીલ-મેરોદાખે પોતે રાજા બન્યો તે વર્ષે, યહૂદિયાના રાજા યહોયાખીનને બંદીખાનામાંથી મુકત કરીને ઉચ્ચ પદવી આપી.
संदर्भ में
२५परन्तु सातवें महीने में नतन्याह का पुत्र इश्माएल, जो एलीशामा का पोता और राजवंश का था, उसने दस जन संग ले गदल्याह के पास जाकर उसे ऐसा मारा कि वह मर गया, और जो यहूदी और कसदी उसके संग मिस्पा में रहते थे, उनको भी मार डाला।
२६तब क्या छोटे क्या बड़े सारी प्रजा के लोग और दलों के प्रधान कसदियों के डर के मारे उठकर मिस्र में जाकर रहने लगे।
२७फिर यहूदा के राजा यहोयाकीन की बँधुआई के तैंतीसवें वर्ष में अर्थात् जिस वर्ष बाबेल का राजा एवील्मरोदक राजगद्दी पर विराजमान हुआ, उसी के बारहवें महीने के सताईसवें दिन को उसने यहूदा के राजा यहोयाकीन को बन्दीगृह से निकालकर बड़ा पद दिया।
२८उससे मधुर-मधुर वचन कहकर जो राजा उसके संग बाबेल में बन्धुए थे उनके सिंहासनों से उसके सिंहासन को अधिक ऊँचा किया,
२९यहोयाकीन ने बन्दीगृह के वस्त्र बदल दिए और उसने जीवन भर नित्य राजा के सम्मुख भोजन किया।
