2 पतरस २:१४
उनकी आँखों में व्यभिचार बसा हुआ है , और वे पाप किए बिना रुक नहीं सकते; वे चंचल मनवालों को फुसला लेते हैं; उनके मन को लोभ करने का अभ्यास हो गया है, वे सन्ताप की सन्तान हैं।2 पतरस २:१४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 2 Peter 2:14
- having eyes full of adultery, and who can’t cease from sin, enticing unsettled souls, having a heart trained in greed, accursed children!
- ગુજરાતી — પિતરનો બીજો પત્ર ૨:૧૪
- તેઓની આંખો વ્યભિચારિણીઓની વાસનાથી ભરેલી છે અને પાપ કરતાં બંધ થતી નથી; તેઓ અસ્થિર માણસોને લલચાવે છે; તેઓનાં હૃદયો દ્રવ્યલોભમાં કેળવાયેલાં છે, તેઓ શાપિત છે.
संदर्भ में
१२पर ये लोग निर्बुद्धि पशुओं ही के तुल्य हैं, जो पकड़े जाने और नाश होने के लिये उत्पन्न हुए हैं; और जिन बातों को जानते ही नहीं, उनके विषय में औरों को बुरा-भला कहते हैं, वे अपनी सड़ाहट में आप ही सड़ जाएँगे।
१३औरों का बुरा करने के बदले उन्हीं का बुरा होगा; उन्हें दिन दोपहर सुख-विलास करना भला लगता है; यह कलंक और दोष है जब वे तुम्हारे साथ खाते पीते हैं, तो अपनी ओर से प्रेम भोज करके भोग-विलास करते हैं।
१४उनकी आँखों में व्यभिचार बसा हुआ है , और वे पाप किए बिना रुक नहीं सकते; वे चंचल मनवालों को फुसला लेते हैं; उनके मन को लोभ करने का अभ्यास हो गया है, वे सन्ताप की सन्तान हैं।
१५वे सीधे मार्ग को छोड़कर भटक गए हैं, और बओर के पुत्र बिलाम के मार्ग पर हो लिए हैं; जिसने अधर्म की मजदूरी को प्रिय जाना; (गिन. 22:5-7)
१६पर उसके अपराध के विषय में उलाहना दिया गया, यहाँ तक कि अबोल गदही ने मनुष्य की बोली से उस भविष्यद्वक्ता को उसके बावलेपन से रोका। (गिन. 22:26-31)
