2 पतरस २:८
(क्योंकि वह धर्मी उनके बीच में रहते हुए, और उनके अधर्म के कामों को देख देखकर, और सुन सुनकर, हर दिन अपने सच्चे मन को पीड़ित करता था)।2 पतरस २:८ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 2 Peter 2:8
- (for that righteous man dwelling among them was tormented in his righteous soul from day to day with seeing and hearing lawless deeds),
- ગુજરાતી — પિતરનો બીજો પત્ર ૨:૮
- કેમ કે તે પ્રામાણિક માણસ જયારે તેઓની સાથે પ્રતિદિન રહેતો હતો ત્યારે તેઓનાં ખરાબ કામ જોઈને તથા સાંભળીને તે પોતાના ન્યાયી આત્મામાં નિત્ય દુઃખ પામતો હતો.
संदर्भ में
६और सदोम और गमोरा के नगरों को विनाश का ऐसा दण्ड दिया, कि उन्हें भस्म करके राख में मिला दिया ताकि वे आनेवाले भक्तिहीन लोगों की शिक्षा के लिये एक दृष्टान्त बनें (यहू. 1:7, उत्प. 19:24)
७और धर्मी लूत को जो अधर्मियों के अशुद्ध चाल-चलन से बहुत दुःखी था छुटकारा दिया। (उत्प. 19:12-15)
८(क्योंकि वह धर्मी उनके बीच में रहते हुए, और उनके अधर्म के कामों को देख देखकर, और सुन सुनकर, हर दिन अपने सच्चे मन को पीड़ित करता था)।
९तो प्रभु के भक्तों को परीक्षा में से निकाल लेना और अधर्मियों को न्याय के दिन तक दण्ड की दशा में रखना भी जानता है।
१०विशेष करके उन्हें जो अशुद्ध अभिलाषाओं के पीछे शरीर के अनुसार चलते, और प्रभुता को तुच्छ जानते हैं वे ढीठ, और हठी हैं, और ऊँचे पदवालों को बुरा-भला कहने से नहीं डरते।
