2 शमूएल १५:४
फिर अबशालोम यह भी कहा करता था, “भला होता कि मैं इस देश में न्यायी ठहराया जाता! तब जितने मुकद्दमा वाले होते वे सब मेरे ही पास आते, और मैं उनका न्याय चुकाता।”2 शमूएल १५:४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 2 Samuel 15:4
- Absalom said moreover, “Oh that I were made judge in the land, that every man who has any suit or cause might come to me, and I would do him justice!”
- ગુજરાતી — 2 શમુએલ ૧૫:૪
- વળી આબ્શાલોમ ઇચ્છતો હતો કે આ દેશમાં મને ન્યાયાધીશ બનાવવામાં આવે, તો કેવું સારું પછી જે કોઈને તકરાર કે ફરિયાદ હોય તે પ્રત્યેક માણસ મારી પાસે આવે અને હું તેનો ન્યાય કરું!”
संदर्भ में
२अबशालोम सवेरे उठकर फाटक के मार्ग के पास खड़ा हुआ करता था; और जब जब कोई मुद्दई राजा के पास न्याय के लिये आता, तब-तब अबशालोम उसको पुकारके पूछता था, “तू किस नगर से आता है?” और वह कहता था, “तेरा दास इस्राएल के अमुक गोत्र का है।”
३तब अबशालोम उससे कहता था, “सुन, तेरा पक्ष तो ठीक और न्याय का है; परन्तु राजा की ओर से तेरी सुननेवाला कोई नहीं है।”
४फिर अबशालोम यह भी कहा करता था, “भला होता कि मैं इस देश में न्यायी ठहराया जाता! तब जितने मुकद्दमा वाले होते वे सब मेरे ही पास आते, और मैं उनका न्याय चुकाता।”
५फिर जब कोई उसे दण्डवत् करने को निकट आता, तब वह हाथ बढ़ाकर उसको पकड़कर चूम लेता था।
६अतः जितने इस्राएली राजा के पास अपना मुकद्दमा लेकर आते उन सभी से अबशालोम ऐसा ही व्यवहार किया करता था; इस प्रकार अबशालोम ने इस्राएली मनुष्यों के मन को हर लिया।
