2 शमूएल २०:३
तब दाऊद यरूशलेम को अपने भवन में आया; और राजा ने उन दस रखैलों को, जिन्हें वह भवन की चौकसी करने को छोड़ गया था, अलग एक घर में रखा, और उनका पालन-पोषण करता रहा, परन्तु उनसे सहवास न किया। इसलिए वे अपनी-अपनी मृत्यु के दिन तक विधवापन की सी दशा में जीवित ही बन्द रहीं।2 शमूएल २०:३ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — 2 Samuel 20:3
- David came to his house at Jerusalem; and the king took the ten women his concubines, whom he had left to keep the house, and put them in custody and provided them with sustenance, but didn’t go in to them. So they were shut up to the day of their death, living in widowhood.
- ગુજરાતી — 2 શમુએલ ૨૦:૩
- જયારે દાઉદ યરુશાલેમમાં તેના મહેલમાં આવ્યો, ત્યારે તેણે દસ ઉપપત્નીઓ જેઓને મહેલની સંભાળ રાખવા રહેવા દીધી હતી તેઓની મુલાકાત લીધી. રાજાએ તેઓની જરૂરીયાતો પૂરી કરી પણ તેમની સાથે દાંપત્ય વ્યવહાર રાખ્યો નહિ. તેથી તેઓ તેઓના મૃત્યુ પર્યંત સુધી પતિ હોવા છતાં વિધવાની જેમ મહેલમાં રહેવું પડ્યું.
संदर्भ में
१वहाँ संयोग से शेबा नामक एक बिन्यामीनी था, वह ओछा पुरुष बिक्री का पुत्र था; वह नरसिंगा फूँककर कहने लगा, “दाऊद में हमारा कुछ अंश नहीं, और न यिशै के पुत्र में हमारा कोई भाग है; हे इस्राएलियों, अपने-अपने डेरे को चले जाओ!”
२इसलिए सब इस्राएली पुरुष दाऊद के पीछे चलना छोड़कर बिक्री के पुत्र शेबा के पीछे हो लिए; परन्तु सब यहूदी पुरुष यरदन से यरूशलेम तक अपने राजा के संग लगे रहे।
३तब दाऊद यरूशलेम को अपने भवन में आया; और राजा ने उन दस रखैलों को, जिन्हें वह भवन की चौकसी करने को छोड़ गया था, अलग एक घर में रखा, और उनका पालन-पोषण करता रहा, परन्तु उनसे सहवास न किया। इसलिए वे अपनी-अपनी मृत्यु के दिन तक विधवापन की सी दशा में जीवित ही बन्द रहीं।
४तब राजा ने अमासा से कहा, “यहूदी पुरुषों को तीन दिन के भीतर मेरे पास बुला ला, और तू भी यहाँ उपस्थित रहना।”
५तब अमासा यहूदियों को बुलाने गया; परन्तु उसके ठहराए हुए समय से अधिक रह गया।
