प्रेरितों के काम १३:४६
तब पौलुस और बरनबास ने निडर होकर कहा, “अवश्य था, कि परमेश्वर का वचन पहले तुम्हें सुनाया जाता; परन्तु जबकि तुम उसे दूर करते हो, और अपने को अनन्त जीवन के योग्य नहीं ठहराते, तो अब, हम अन्यजातियों की ओर फिरते हैं।प्रेरितों के काम १३:४६ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Acts 13:46
- Paul and Barnabas spoke out boldly, and said, “It was necessary that God’s word should be spoken to you first. Since indeed you thrust it from yourselves, and judge yourselves unworthy of eternal life, behold, we turn to the Gentiles.
- ગુજરાતી — પ્રેરિતોનાં કૃત્યો ૧૩:૪૬
- ત્યારે પાઉલે તથા બાર્નાબાસે હિંમતથી કહ્યું કે, ‘ઈશ્વરનું વચન પ્રથમ તમને કહેવાની જરૂર હતી. પણ તમે તેનો નકાર કરો છો અને અનંતજીવન પામવાને પોતાને અયોગ્ય ઠરાવો છો, માટે, જુઓ, અમે બિનયહૂદીઓ તરફ ફરીએ છીએ.
संदर्भ में
४४अगले सब्त के दिन नगर के प्रायः सब लोग परमेश्वर का वचन सुनने को इकट्ठे हो गए।
४५परन्तु यहूदी भीड़ को देखकर ईर्ष्या से भर गए, और निन्दा करते हुए पौलुस की बातों के विरोध में बोलने लगे।
४६तब पौलुस और बरनबास ने निडर होकर कहा, “अवश्य था, कि परमेश्वर का वचन पहले तुम्हें सुनाया जाता; परन्तु जबकि तुम उसे दूर करते हो, और अपने को अनन्त जीवन के योग्य नहीं ठहराते, तो अब, हम अन्यजातियों की ओर फिरते हैं।
४७क्योंकि प्रभु ने हमें यह आज्ञा दी है, ‘मैंने तुझे अन्यजातियों के लिये ज्योति ठहराया है, ताकि तू पृथ्वी की छोर तक उद्धार का द्वार हो।’” (यशा. 49:6)
४८यह सुनकर अन्यजाति आनन्दित हुए, और परमेश्वर के वचन की बड़ाई करने लगे, और जितने अनन्त जीवन के लिये ठहराए गए थे, उन्होंने विश्वास किया।
