प्रेरितों के काम १७:२८
क्योंकि हम उसी में जीवित रहते, और चलते फिरते, और स्थिर रहते हैं; जैसे तुम्हारे कितने कवियों ने भी कहा है, ‘हम तो उसी के वंश भी हैं।’प्रेरितों के काम १७:२८ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Acts 17:28
- ‘For in him we live, move, and have our being.’ As some of your own poets have said, ‘For we are also his offspring.’
- ગુજરાતી — પ્રેરિતોનાં કૃત્યો ૧૭:૨૮
- કેમ કે આપણે તેમનામાં જીવીએ છીએ, હાલીએ છીએ, હોઈએ છીએ, જેમ તમારા પોતાના જ કવિઓમાંના કેટલાકે કહ્યું છે કે, ‘આપણે પણ તેમના વંશજો છીએ.’”
संदर्भ में
२६उसने एक ही मूल से मनुष्यों की सब जातियाँ सारी पृथ्वी पर रहने के लिये बनाई हैं; और उनके ठहराए हुए समय और निवास के सीमाओं को इसलिए बाँधा है, (व्यव. 32:8)
२७कि वे परमेश्वर को ढूँढ़े, और शायद वे उसके पास पहुँच सके, और वास्तव में, वह हम में से किसी से दूर नहीं हैं। (यशा. 55:6, यिर्म. 23:23)
२८क्योंकि हम उसी में जीवित रहते, और चलते फिरते, और स्थिर रहते हैं; जैसे तुम्हारे कितने कवियों ने भी कहा है, ‘हम तो उसी के वंश भी हैं।’
२९अतः परमेश्वर का वंश होकर हमें यह समझना उचित नहीं कि ईश्वरत्व, सोने या चाँदी या पत्थर के समान है, जो मनुष्य की कारीगरी और कल्पना से गढ़े गए हों। (उत्प. 1:27, यशा. 40:18-20, यशा. 44:10-17)
३०इसलिए परमेश्वर ने अज्ञानता के समयों पर ध्यान नहीं दिया, पर अब हर जगह सब मनुष्यों को मन फिराने की आज्ञा देता है।
