प्रेरितों के काम २:४६
और वे प्रतिदिन एक मन होकर मन्दिर में इकट्ठे होते थे, और घर-घर रोटी तोड़ते हुए आनन्द और मन की सिधाई से भोजन किया करते थे।प्रेरितों के काम २:४६ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Acts 2:46
- Day by day, continuing steadfastly with one accord in the temple, and breaking bread at home, they took their food with gladness and singleness of heart,
- ગુજરાતી — પ્રેરિતોનાં કૃત્યો ૨:૪૬
- તેઓ નિત્ય ભક્તિસ્થાનમાં એક ચિત્તે હાજર રહેતા તથા ઘરેઘરે રોટલી ભાંગીને ઉમંગથી તથા નિખાલસ મનથી ભોજન કરતા હતા.
संदर्भ में
४४और सब विश्वास करनेवाले इकट्ठे रहते थे, और उनकी सब वस्तुएँ साझे की थीं।
४५और वे अपनी-अपनी सम्पत्ति और सामान बेच-बेचकर जैसी जिसकी आवश्यकता होती थी बाँट दिया करते थे।
४६और वे प्रतिदिन एक मन होकर मन्दिर में इकट्ठे होते थे, और घर-घर रोटी तोड़ते हुए आनन्द और मन की सिधाई से भोजन किया करते थे।
४७और परमेश्वर की स्तुति करते थे, और सब लोग उनसे प्रसन्न थे; और जो उद्धार पाते थे, उनको प्रभु प्रतिदिन उनमें मिला देता था।
