प्रेरितों के काम २३:२१
परन्तु उनकी मत मानना, क्योंकि उनमें से चालीस के ऊपर मनुष्य उसकी घात में हैं, जिन्होंने यह ठान लिया है कि जब तक वे पौलुस को मार न डालें, तब तक न खाएँगे और न पीएँगे, और अब वे तैयार हैं और तेरे वचन की प्रतीक्षा कर रहे हैं।”प्रेरितों के काम २३:२१ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Acts 23:21
- Therefore don’t yield to them, for more than forty men lie in wait for him, who have bound themselves under a curse to neither eat nor drink until they have killed him. Now they are ready, looking for the promise from you.”
- ગુજરાતી — પ્રેરિતોનાં કૃત્યો ૨૩:૨૧
- એ માટે તું તેઓનું કહેવું માનીશ નહિ, કેમ કે તેઓમાંના ચાળીસથી વધારે માણસ તારે સારુ સંતાઈ રહ્યા છે, તેઓ એવા સોગનથી બંધાયા છે કે, તને મારી નાખીએ નહિ ત્યાં સુધી અમે અન્નજળ લઈશું નહિ; હમણાં તેઓ તૈયાર છે અને તારા નિર્ણયની રાહ જુએ છે.
संदर्भ में
१९सैन्य-दल के सरदार ने उसका हाथ पकड़कर, और उसे अलग ले जाकर पूछा, “तू मुझसे क्या कहना चाहता है?”
२०उसने कहा, “यहूदियों ने एका किया है, कि तुझ से विनती करें कि कल पौलुस को महासभा में लाए, मानो तू और ठीक से उसकी जाँच करना चाहता है।
२१परन्तु उनकी मत मानना, क्योंकि उनमें से चालीस के ऊपर मनुष्य उसकी घात में हैं, जिन्होंने यह ठान लिया है कि जब तक वे पौलुस को मार न डालें, तब तक न खाएँगे और न पीएँगे, और अब वे तैयार हैं और तेरे वचन की प्रतीक्षा कर रहे हैं।”
२२तब सैन्य-दल के सरदार ने जवान को यह निर्देश देकर विदा किया, “किसी से न कहना कि तूने मुझ को ये बातें बताई हैं।”
२३उसने तब दो सूबेदारों को बुलाकर कहा, “दो सौ सिपाही, सत्तर सवार, और दो सौ भालैत को कैसरिया जाने के लिये तैयार कर रख, तू रात के तीसरे पहर को निकलना।
