प्रेरितों के काम २५:१६
परन्तु मैंने उनको उत्तर दिया, कि रोमियों की यह रीति नहीं, कि किसी मनुष्य को दण्ड के लिये सौंप दें, जब तक आरोपी को अपने दोष लगाने वालों के सामने खड़े होकर दोष के उत्तर देने का अवसर न मिले।प्रेरितों के काम २५:१६ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Acts 25:16
- I answered them that it is not the custom of the Romans to give up any man to destruction before the accused has met the accusers face to face and has had opportunity to make his defense concerning the matter laid against him.
- ગુજરાતી — પ્રેરિતોનાં કૃત્યો ૨૫:૧૬
- મેં તેઓને ઉત્તર આપ્યો કે, કોઈ પણ તહોમતદારને ફરિયાદીઓની રૂબરૂ તહોમત વિષે પોતાના બચાવમાં પ્રત્યુત્તર આપવાની તક ન મળે ત્યાં સુધી તેને (મારી નાખવાને) સોંપી દેવો એ રોમનોની રીત નથી.
संदर्भ में
१४उनके बहुत दिन वहाँ रहने के बाद फेस्तुस ने पौलुस के विषय में राजा को बताया, “एक मनुष्य है, जिसे फेलिक्स बन्दी छोड़ गया है।
१५जब मैं यरूशलेम में था, तो प्रधान याजकों और यहूदियों के प्राचीनों ने उस पर दोषारोपण किया और चाहा, कि उस पर दण्ड की आज्ञा दी जाए।
१६परन्तु मैंने उनको उत्तर दिया, कि रोमियों की यह रीति नहीं, कि किसी मनुष्य को दण्ड के लिये सौंप दें, जब तक आरोपी को अपने दोष लगाने वालों के सामने खड़े होकर दोष के उत्तर देने का अवसर न मिले।
१७अतः जब वे यहाँ उपस्थित हुए, तो मैंने कुछ देर न की, परन्तु दूसरे ही दिन न्याय आसन पर बैठकर, उस मनुष्य को लाने की आज्ञा दी।
१८जब उसके मुद्दई खड़े हुए, तो उन्होंने ऐसी बुरी बातों का दोष नहीं लगाया, जैसा मैं समझता था।
