प्रेरितों के काम २५:२३
अतः दूसरे दिन, जब अग्रिप्पा और बिरनीके बड़ी धूमधाम से आकर सैन्य-दल के सरदारों और नगर के प्रमुख लोगों के साथ दरबार में पहुँचे। तब फेस्तुस ने आज्ञा दी, कि वे पौलुस को ले आएँ।प्रेरितों के काम २५:२३ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Acts 25:23
- So on the next day, when Agrippa and Bernice had come with great pomp, and they had entered into the place of hearing with the commanding officers and the principal men of the city, at the command of Festus, Paul was brought in.
- ગુજરાતી — પ્રેરિતોનાં કૃત્યો ૨૫:૨૩
- માટે બીજે દિવસે આગ્રીપા તથા બેરનીકે મોટા દબદબા સાથે દરબારમાં આવ્યાં, સરદારો તથા શહેરના મુખ્ય માણસો પણ દરબારમાં હાજર થયા, ફેસ્તસની આજ્ઞાથી તેઓએ પાઉલને ત્યાં રજૂ કર્યો.
संदर्भ में
२१परन्तु जब पौलुस ने दुहाई दी, कि मेरे मुकद्दमे का फैसला महाराजाधिराज के यहाँ हो; तो मैंने आज्ञा दी, कि जब तक उसे कैसर के पास न भेजूँ, उसकी रखवाली की जाए।”
२२तब अग्रिप्पा ने फेस्तुस से कहा, “मैं भी उस मनुष्य की सुनना चाहता हूँ।” उसने कहा, “तू कल सुन लेगा।”
२३अतः दूसरे दिन, जब अग्रिप्पा और बिरनीके बड़ी धूमधाम से आकर सैन्य-दल के सरदारों और नगर के प्रमुख लोगों के साथ दरबार में पहुँचे। तब फेस्तुस ने आज्ञा दी, कि वे पौलुस को ले आएँ।
२४फेस्तुस ने कहा, “हे महाराजा अग्रिप्पा, और हे सब मनुष्यों जो यहाँ हमारे साथ हो, तुम इस मनुष्य को देखते हो, जिसके विषय में सारे यहूदियों ने यरूशलेम में और यहाँ भी चिल्ला चिल्लाकर मुझसे विनती की, कि इसका जीवित रहना उचित नहीं।
२५परन्तु मैंने जान लिया कि उसने ऐसा कुछ नहीं किया कि मार डाला जाए; और जबकि उसने आप ही महाराजाधिराज की दुहाई दी, तो मैंने उसे भेजने का निर्णय किया।
