प्रेरितों के काम २६:२३
कि मसीह को दुःख उठाना होगा, और वही सबसे पहले मरे हुओं में से जी उठकर, हमारे लोगों में और अन्यजातियों में ज्योति का प्रचार करेगा।” (यशा. 42:6, यशा. 49:6)प्रेरितों के काम २६:२३ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Acts 26:23
- how the Christ must suffer, and how, by the resurrection of the dead, he would be first to proclaim light both to these people and to the Gentiles.”
- ગુજરાતી — પ્રેરિતોનાં કૃત્યો ૨૬:૨૩
- એટલે કે ખ્રિસ્ત (મરણની) વેદના સહે અને તે પ્રથમ મરણમાંથી પાછા ઊઠ્યાંથી લોકોને તથા બિનયહૂદીઓને પ્રકાશ આપે.
संदर्भ में
२१इन बातों के कारण यहूदी मुझे मन्दिर में पकड़कर मार डालने का यत्न करते थे।
२२परन्तु परमेश्वर की सहायता से मैं आज तक बना हूँ और छोटे बड़े सभी के सामने गवाही देता हूँ, और उन बातों को छोड़ कुछ नहीं कहता, जो भविष्यद्वक्ताओं और मूसा ने भी कहा कि होनेवाली हैं,
२३कि मसीह को दुःख उठाना होगा, और वही सबसे पहले मरे हुओं में से जी उठकर, हमारे लोगों में और अन्यजातियों में ज्योति का प्रचार करेगा।” (यशा. 42:6, यशा. 49:6)
२४जब वह इस रीति से उत्तर दे रहा था, तो फेस्तुस ने ऊँचे शब्द से कहा, “हे पौलुस, तू पागल है। बहुत विद्या ने तुझे पागल कर दिया है।”
२५परन्तु उसने कहा, “हे महाप्रतापी फेस्तुस, मैं पागल नहीं, परन्तु सच्चाई और बुद्धि की बातें कहता हूँ।
