प्रेरितों के काम २६:३१
और अलग जाकर आपस में कहने लगे, “यह मनुष्य ऐसा तो कुछ नहीं करता, जो मृत्यु-दण्ड या बन्दीगृह में डाले जाने के योग्य हो ।प्रेरितों के काम २६:३१ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Acts 26:31
- When they had withdrawn, they spoke to one another, saying, “This man does nothing worthy of death or of bonds.”
- ગુજરાતી — પ્રેરિતોનાં કૃત્યો ૨૬:૩૧
- તેઓએ એકાંતમાં જઈને પરસ્પર વાત કરી કે, ‘એ માણસે મરણની શિક્ષા અથવા કેદની સજાને યોગ્ય કંઈ જ ગુનો કર્યો નથી.’”
संदर्भ में
२९पौलुस ने कहा, “परमेश्वर से मेरी प्रार्थना यह है कि क्या थोड़े में, क्या बहुत में, केवल तू ही नहीं, परन्तु जितने लोग आज मेरी सुनते हैं, मेरे इन बन्धनों को छोड़ वे मेरे समान हो जाएँ।”
३०तब राजा और राज्यपाल और बिरनीके और उनके साथ बैठनेवाले उठ खड़े हुए;
३१और अलग जाकर आपस में कहने लगे, “यह मनुष्य ऐसा तो कुछ नहीं करता, जो मृत्यु-दण्ड या बन्दीगृह में डाले जाने के योग्य हो ।
३२अग्रिप्पा ने फेस्तुस से कहा, “यदि यह मनुष्य कैसर की दुहाई न देता, तो छूट सकता था।”
