प्रेरितों के काम २७:१०
“हे सज्जनों, मुझे ऐसा जान पड़ता है कि इस यात्रा में विपत्ति और बहुत हानि, न केवल माल और जहाज की वरन् हमारे प्राणों की भी होनेवाली है।”प्रेरितों के काम २७:१० · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Acts 27:10
- and said to them, “Sirs, I perceive that the voyage will be with injury and much loss, not only of the cargo and the ship, but also of our lives.”
- ગુજરાતી — પ્રેરિતોનાં કૃત્યો ૨૭:૧૦
- ‘ઓ ભાઈઓ, મને માલૂમ પડે છે કે, આ સફરમાં એકલા સામાનને તથા વહાણને જ નહિ, પણ આપણા જીવનું પણ જોખમ છે; અને ઘણું નુકસાન થઈ શકે તેમ છે.
संदर्भ में
८और उसके किनारे-किनारे कठिनता से चलकर ‘शुभलंगरबारी’ नामक एक जगह पहुँचे, जहाँ से लसया नगर निकट था।
९जब बहुत दिन बीत गए, और जलयात्रा में जोखिम इसलिए होती थी कि उपवास के दिन अब बीत चुके थे, तो पौलुस ने उन्हें यह कहकर चेतावनी दी,
१०“हे सज्जनों, मुझे ऐसा जान पड़ता है कि इस यात्रा में विपत्ति और बहुत हानि, न केवल माल और जहाज की वरन् हमारे प्राणों की भी होनेवाली है।”
११परन्तु सूबेदार ने कप्तान और जहाज के स्वामी की बातों को पौलुस की बातों से बढ़कर माना।
१२वह बन्दरगाह जाड़ा काटने के लिये अच्छा न था; इसलिए बहुतों का विचार हुआ कि वहाँ से जहाज खोलकर यदि किसी रीति से हो सके तो फीनिक्स में पहुँचकर जाड़ा काटें। यह तो क्रेते का एक बन्दरगाह है जो दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम की ओर खुलता है।
