प्रेरितों के काम २८:१७
तीन दिन के बाद उसने यहूदियों के प्रमुख लोगों को बुलाया, और जब वे इकट्ठे हुए तो उनसे कहा, “हे भाइयों, मैंने अपने लोगों के या पूर्वजों की प्रथाओं के विरोध में कुछ भी नहीं किया, फिर भी बन्दी बनाकर यरूशलेम से रोमियों के हाथ सौंपा गया।प्रेरितों के काम २८:१७ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Acts 28:17
- After three days Paul called together those who were the leaders of the Jews. When they had come together, he said to them, “I, brothers, though I had done nothing against the people or the customs of our fathers, still was delivered prisoner from Jerusalem into the hands of the Romans,
- ગુજરાતી — પ્રેરિતોનાં કૃત્યો ૨૮:૧૭
- ત્રણ દિવસ પછી એમ થયું કે, (પાઉલે) યહૂદીઓના મુખ્ય (આગેવાનોને) બોલાવીને એકત્ર કર્યા અને તેઓને કહ્યું કે, “ભાઈઓ, મેં કોઈનું અહિત કે કોઈની વિરુદ્ધ કશું કર્યું નથી, અને આપણા પૂર્વજોના નીતિનિયમોનો ભંગ પણ કર્યો નથી. તોપણ યરુશાલેમથી રોમન સરકારના હાથમાં મને બંદીવાન તરીકે સોંપવામાં આવેલો છે.
संदर्भ में
१५वहाँ से वे भाई हमारा समाचार सुनकर अप्पियुस के चौक और तीन-सराय तक हमारी भेंट करने को निकल आए, जिन्हें देखकर पौलुस ने परमेश्वर का धन्यवाद किया, और ढाढ़स बाँधा।
१६जब हम रोम में पहुँचे, तो पौलुस को एक सिपाही के साथ जो उसकी रखवाली करता था, अकेले रहने की आज्ञा हुई।
१७तीन दिन के बाद उसने यहूदियों के प्रमुख लोगों को बुलाया, और जब वे इकट्ठे हुए तो उनसे कहा, “हे भाइयों, मैंने अपने लोगों के या पूर्वजों की प्रथाओं के विरोध में कुछ भी नहीं किया, फिर भी बन्दी बनाकर यरूशलेम से रोमियों के हाथ सौंपा गया।
१८उन्होंने मुझे जाँचकर छोड़ देना चाहा, क्योंकि मुझ में मृत्यु के योग्य कोई दोष न था।
१९परन्तु जब यहूदी इसके विरोध में बोलने लगे, तो मुझे कैसर की दुहाई देनी पड़ी; यह नहीं कि मुझे अपने लोगों पर कोई दोष लगाना था।
