प्रेरितों के काम ७:४९
‘प्रभु कहता है, स्वर्ग मेरा सिंहासन और पृथ्वी मेरे पाँवों तले की चौकी है, मेरे लिये तुम किस प्रकार का घर बनाओगे? और मेरे विश्राम का कौन सा स्थान होगा?प्रेरितों के काम ७:४९ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Acts 7:49
- ‘heaven is my throne, and the earth a footstool for my feet. What kind of house will you build me?’ says the Lord. ‘Or what is the place of my rest?
- ગુજરાતી — પ્રેરિતોનાં કૃત્યો ૭:૪૯
- ‘સ્વર્ગ મારું રાજ્યાસન, તથા પૃથ્વી મારું પાયાસન છે; તો તમે મારે સારુ કેવું નિવાસસ્થાન બાંધશો? એમ ઈશ્વર કહે છે અથવા મારું નિવાસસ્થાન કયું હોય?
संदर्भ में
४७परन्तु सुलैमान ने उसके लिये घर बनाया। (1 राजा. 6:1,2, 1 राजा. 6:14, 1 राजा. 8:19,20, 2 इति. 3:1, 2 इति. 5:1, 2 इति. 6:2, 2 इति. 6:10)
४८परन्तु परमप्रधान हाथ के बनाए घरों में नहीं रहता, जैसा कि भविष्यद्वक्ता ने कहा,
४९‘प्रभु कहता है, स्वर्ग मेरा सिंहासन और पृथ्वी मेरे पाँवों तले की चौकी है, मेरे लिये तुम किस प्रकार का घर बनाओगे? और मेरे विश्राम का कौन सा स्थान होगा?
५०क्या ये सब वस्तुएँ मेरे हाथ की बनाई नहीं?’ (यशा. 66:1,2)
५१“हे हठीले, और मन और कान के खतनारहित लोगों, तुम सदा पवित्र आत्मा का विरोध करते हो। जैसा तुम्हारे पूर्वज करते थे, वैसे ही तुम भी करते हो। (निर्ग. 32:9, लैव्य. 26:41, गिन. 27:14, यशा. 63:10, यिर्म. 6:10, यिर्म. 9:26)
