प्रेरितों के काम ९:२
और उससे दमिश्क के आराधनालयों के नाम पर इस अभिप्राय की चिट्ठियाँ माँगी, कि क्या पुरुष, क्या स्त्री, जिन्हें वह इस पंथ पर पाए उन्हें बाँधकर यरूशलेम में ले आए।प्रेरितों के काम ९:२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Acts 9:2
- and asked for letters from him to the synagogues of Damascus, that if he found any who were of the Way, whether men or women, he might bring them bound to Jerusalem.
- ગુજરાતી — પ્રેરિતોનાં કૃત્યો ૯:૨
- તેણે તેની પાસેથી દમસ્કસમાંનાં સભાસ્થાનો પર પત્રો માગ્યા કે જો તેને એ માર્ગનો કોઈ પુરુષ કે સ્ત્રી મળે, તો તે તેઓને બાંધીને યરુશાલેમ લઈ આવે.
संदर्भ में
१शाऊल जो अब तक प्रभु के चेलों को धमकाने और मार डालने की धुन में था, महायाजक के पास गया।
२और उससे दमिश्क के आराधनालयों के नाम पर इस अभिप्राय की चिट्ठियाँ माँगी, कि क्या पुरुष, क्या स्त्री, जिन्हें वह इस पंथ पर पाए उन्हें बाँधकर यरूशलेम में ले आए।
३परन्तु चलते-चलते जब वह दमिश्क के निकट पहुँचा, तो एकाएक आकाश से उसके चारों ओर ज्योति चमकी,
४और वह भूमि पर गिर पड़ा, और यह शब्द सुना, “हे शाऊल, हे शाऊल, तू मुझे क्यों सताता है?”
