दानिय्येल १:१०
और खोजों के प्रधान ने दानिय्येल से कहा, “मैं अपने स्वामी राजा से डरता हूँ, क्योंकि तुम्हारा खाना-पीना उसी ने ठहराया है, कहीं ऐसा न हो कि वह तेरा मुँह तेरे संगी जवानों से उतरा हुआ और उदास देखे और तुम मेरा सिर राजा के सामने जोखिम में डालो।”दानिय्येल १:१० · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Daniel 1:10
- The prince of the eunuchs said to Daniel, “I fear my lord the king, who has appointed your food and your drink. For why should he see your faces worse looking than the youths who are of your own age? Then you would endanger my head with the king.”
- ગુજરાતી — દાનિયેલ ૧:૧૦
- મુખ્ય ખોજાએ દાનિયેલને કહ્યું, “મને મારા માલિક રાજાની બીક લાગે છે. તેમણે તમારે શું ખાવું તથા શું પીવું તે નક્કી કરી આપ્યું છે. શા માટે તે તને તારી ઉંમરના બીજા જુવાનોના કરતાં કદરૂપો જુએ? જો એવું થાય તો રાજા સમક્ષ મારું શિર જોખમમાં મુકાય.”
संदर्भ में
८परन्तु दानिय्येल ने अपने मन में ठान लिया कि वह राजा का भोजन खाकर और उसका दाखमधु पीकर स्वयं को अपवित्र न होने देगा ; इसलिए उसने खोजों के प्रधान से विनती की, कि उसे अपवित्र न होने दे।
९परमेश्वर ने खोजों के प्रधान के मन में दानिय्येल के प्रति कृपा और दया भर दी।
१०और खोजों के प्रधान ने दानिय्येल से कहा, “मैं अपने स्वामी राजा से डरता हूँ, क्योंकि तुम्हारा खाना-पीना उसी ने ठहराया है, कहीं ऐसा न हो कि वह तेरा मुँह तेरे संगी जवानों से उतरा हुआ और उदास देखे और तुम मेरा सिर राजा के सामने जोखिम में डालो।”
११तब दानिय्येल ने उस मुखिए से, जिसको खोजों के प्रधान ने दानिय्येल, हनन्याह, मीशाएल, और अजर्याह के ऊपर देख-भाल करने के लिये नियुक्त किया था, कहा,
१२“मैं तुझ से विनती करता हूँ, अपने दासों को दस दिन तक जाँच, हमारे खाने के लिये साग-पात और पीने के लिये पानी ही दिया जाए।
