दानिय्येल २:३५
तब लोहा, मिट्टी, पीतल, चाँदी और सोना भी सब चूर-चूर हो गए, और धूपकाल में खलिहानों के भूसे के समान हवा से ऐसे उड़ गए कि उनका कहीं पता न रहा; और वह पत्थर जो मूर्ति पर लगा था, वह बड़ा पहाड़ बनकर सारी पृथ्वी में फैल गया।दानिय्येल २:३५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Daniel 2:35
- Then the iron, the clay, the bronze, the silver, and the gold were broken in pieces together, and became like the chaff of the summer threshing floors. The wind carried them away, so that no place was found for them. The stone that struck the image became a great mountain and filled the whole earth.
- ગુજરાતી — દાનિયેલ ૨:૩૫
- પછી લોખંડ, માટી, કાંસું, ચાંદી અને સોનું બધાના ટુકડેટુકડા થઈ ગયા. અને તે ઉનાળાંમાં ખળામાંના ભૂસાની માફક થઈ ગયાં. પવન તેમને એવી રીતે ઉડાડીને લઈ ગયો કે ક્યાંય તેમનું નામોનિશાન રહ્યું નહિ. પણ જે પથ્થર મૂર્તિ સાથે પછડાયો હતો તે મોટો પર્વત બની ગયો અને તેનાથી આખી પૃથ્વી ભરાઈ ગઈ.
संदर्भ में
३३उसकी टाँगें लोहे की और उसके पाँव कुछ तो लोहे के और कुछ मिट्टी के थे।
३४फिर देखते-देखते, तूने क्या देखा, कि एक पत्थर ने, बिना किसी के खोदे, आप ही आप उखड़कर उस मूर्ति के पाँवों पर लगकर जो लोहे और मिट्टी के थे, उनको चूर चूरकर डाला।
३५तब लोहा, मिट्टी, पीतल, चाँदी और सोना भी सब चूर-चूर हो गए, और धूपकाल में खलिहानों के भूसे के समान हवा से ऐसे उड़ गए कि उनका कहीं पता न रहा; और वह पत्थर जो मूर्ति पर लगा था, वह बड़ा पहाड़ बनकर सारी पृथ्वी में फैल गया।
३६“यह स्वप्न है; और अब हम उसका अर्थ राजा को समझा देते हैं।
३७हे राजा, तू तो महाराजाधिराज है, क्योंकि स्वर्ग के परमेश्वर ने तुझको राज्य, सामर्थ्य, शक्ति और महिमा दी है,
