दानिय्येल ४:१५
तो भी उसके ठूँठे को जड़ समेत भूमि में छोड़ो, और उसको लोहे और पीतल के बन्धन से बाँधकर मैदान की हरी घास के बीच रहने दो। वह आकाश की ओस से भीगा करे और भूमि की घास खाने में मैदान के पशुओं के संग भागी हो।दानिय्येल ४:१५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Daniel 4:15
- Nevertheless leave the stump of its roots in the earth, even with a band of iron and bronze, in the tender grass of the field; and let it be wet with the dew of the sky. Let his portion be with the animals in the grass of the earth.
- ગુજરાતી — દાનિયેલ ૪:૧૫
- તેના મૂળની જડને પૃથ્વીમાં, લોખંડ તથા સાંકળોથી બાંધીને તેને ખેતરના કુમળા ઘાસ મધ્યે રહેવા દો. તેને આકાશના ઝાકળથી પલળવા દો. તેને ભૂમિ પરના ઘાસમાં પશુઓ મધ્યે રહેવા દો અને પશુઓ સાથે પૃથ્વી પરના ઘાસમાંથી તેને હિસ્સો મળે.
संदर्भ में
१३“मैंने पलंग पर दर्शन पाते समय क्या देखा, कि एक पवित्र दूत स्वर्ग से उतर आया।
१४उसने ऊँचे शब्द से पुकारकर यह कहा, ‘वृक्ष को काट डालो, उसकी डालियों को छाँट दो, उसके पत्ते झाड़ दो और उसके फल छितरा डालो; पशु उसके नीचे से हट जाएँ, और चिड़ियाँ उसकी डालियों पर से उड़ जाएँ।
१५तो भी उसके ठूँठे को जड़ समेत भूमि में छोड़ो, और उसको लोहे और पीतल के बन्धन से बाँधकर मैदान की हरी घास के बीच रहने दो। वह आकाश की ओस से भीगा करे और भूमि की घास खाने में मैदान के पशुओं के संग भागी हो।
१६उसका मन बदले और मनुष्य का न रहे, परन्तु पशु का सा बन जाए; और उस पर सात काल बीतें।
१७यह आज्ञा उस दूत के निर्णय से, और यह बात पवित्र लोगों के वचन से निकली, कि जो जीवित हैं वे जान लें कि परमप्रधान परमेश्वर मनुष्यों के राज्य में प्रभुता करता है, और उसको जिसे चाहे उसे दे देता है, और वह छोटे से छोटे मनुष्य को भी उस पर नियुक्त कर देता है।’
